ताज़ा-ख़बर

पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों पर वन श्रमिकों ने लगाए गंभीर आरोप, 19 मई से आंदोलन का ऐलान

रिपोर्ट: अकरम 6 घंटे पहलेझारखण्ड

मजदूरी गड़बड़ी, भत्ता भुगतान और श्रमिक छंटनी को लेकर फूटा आक्रोश, स्वतंत्र जांच की मांग तेज

पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों पर वन श्रमिकों ने लगाए गंभीर आरोप, 19 मई से आंदोलन का ऐलान

बरवाडीह, लातेहार : पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) में कार्यरत वन श्रमिकों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। झारखंड वन श्रमिक यूनियन की कार्यकारिणी बैठक रविवार को बेतला में आयोजित हुई जिसमें वन श्रमिकों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 19 मई से पीटीआर क्षेत्र निदेशक कार्यालय के समक्ष चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष सिद्धिनाथ ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीटीआर अधिकारियों द्वारा वन श्रमिकों के साथ लगातार अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। मजदूरी भुगतान, खाद्यान्न भत्ता और अन्य सुविधाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है जिससे करीब 350 वन श्रमिक प्रभावित हुए हैं। यूनियन के अनुसार पीटीआर के लगभग 100 कुशल मजदूरों को अब तक एरियर की राशि नहीं दी गई है। इतना ही नहीं कुशल श्रमिकों को अकुशल मजदूरी देकर सरकारी राशि के गबन का भी आरोप लगाया गया। श्रमिकों का कहना है कि खाद्यान्न भत्ता के रूप में जहां करीब 11 हजार रुपये मिलना चाहिए था वहां कई मजदूरों को मात्र दो से पांच हजार रुपये ही दिए गए। बैठक में बारेसाढ़ और गारू पूर्वी क्षेत्र से 34 वन श्रमिकों की कथित तौर पर बिना कारण छंटनी किए जाने पर भी गहरी नाराजगी जताई गई। यूनियन नेताओं ने इसे श्रमिक विरोधी कदम बताते हुए तत्काल बहाली की मांग की। इस दौरान गारू पूर्वी के ट्रेकर लल्लू उरांव की मौत का मामला भी प्रमुखता से उठा। यूनियन ने आरोप लगाया कि लल्लू उरांव की मौत विद्युत स्पर्शाघात से हुई थी लेकिन विभाग इसे पेड़ से गिरने की घटना बताकर मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। यूनियन ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि राज्य स्तर पर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों से मिलकर पीटीआर अधिकारियों के कार्यकलापों की शिकायत करेगा। बैठक के अंत में दिवंगत श्रमिक लल्लू उरांव की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। यूनियन नेताओं ने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें.