पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन का ऐलान, बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ उलगुलान की तैयारी, जामताड़ा में अगला चरण, नगर भवन में होगी बैठक
चंपई सोरेन ने इस आंदोलन को एक नया उलगुलान (क्रांति) बताते हुए कहा कि झारखंड की वीर भूमि से जो संघर्ष शुरू हो रहा है उसके दूरगामी परिणाम होंगे।

सरायकेला : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने संथाल परगना सहित पूरे राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष आदिवासी समाज के अस्तित्व की रक्षा के लिए किया जा रहा है और इस सामाजिक लड़ाई में कई संगठनों का सहयोग मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इस आंदोलन के अगले चरण के तहत कल जामताड़ा के नगर भवन (दुलाडीह) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने आदिवासी समाज से इस बैठक में अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
उलगुलान के दूरगामी परिणाम होंगे : चंपई सोरेन
चंपई सोरेन ने इस आंदोलन को एक नया उलगुलान (क्रांति) बताते हुए कहा कि झारखंड की वीर भूमि से जो संघर्ष शुरू हो रहा है उसके दूरगामी परिणाम होंगे। हमें इसे मिलकर मुकाम तक पहुंचाना है।
आदिवासी समाज को एकजुट होने का आह्वान
उन्होंने आदिवासी समाज से एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ने की अपील की और कहा कि यह संघर्ष केवल वर्तमान के लिए नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के अस्तित्व और अधिकारों की रक्षा के लिए भी आवश्यक है।
हूल जोहार! के साथ संघर्ष का बिगुल फूंका
अपने संदेश के अंत में पूर्व मुख्यमंत्री ने हूल जोहार! का नारा देते हुए इस आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।