ब्रह्मानंद अस्पताल की जालसाजी का खुलासा, मृत मरीज को वेंटिलेटर में रखकर बढ़ाया गया बिल
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ा बड़ा फर्जीबाड़ा, 45 घंटे में मरीज को 36 बार दिया गया जीवन रक्षक इंजेक्शन, बिना कोई घाव के बिल में ड्रेसिंग और बैंडेज के जोड़े चार्ज

सरायकेला : शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब चांडिल प्रखंड अंतर्गत तमोलिया स्थित ब्रह्मानंद नारायणा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल की जांच की तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि 63 वर्षीय मरीज पुनर्वासी राय को मात्र 45 घंटे के इलाज में नोराड्रिड्रिलिंन इंजेक्शन 36 बार दिया गया जबकि सामान्य परिस्थितियों में यह जीवन रक्षक दवा दिन में सिर्फ एक बार दी जाती है। यही नहीं मरीज को उल्टी रोकने वाली दवा अंडास्ट्रांन भी 12 बार दी गई। स्वास्थ्य विभाग को यह मामला तब पता चला जब मृतक मरीज के परिजन कुंदन राय ने लिखित शिकायत कर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके पिता की मौत के बाद भी शव को एक दिन तक वेंटिलेटर में रखा गया और अनावश्यक बिल बढ़ाया गया। सिविल सर्जन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने 21 अगस्त को अस्पताल प्रबंधन की मौजूदगी में जांच की। समिति ने पाया कि भर्ती के दौरान किए गए इलाज और जांच से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मरीज के शरीर पर कोई घाव न होने के बावजूद बिल में ड्रेसिंग और बैंडेज के चार्ज जोड़े गए थे। इसी तरह एक अन्य मामले में 70 वर्षीय मरीज बाली महतो की मृत्यु 16 अगस्त को इलाज के दौरान हुई। उन्हें भी 126 घंटे के इलाज में कई दवाइयां और इंजेक्शन दिए गए जबकि अस्पताल केवल फाइनल बिल की प्रति ही उपलब्ध करा सका। जांच समिति ने निष्कर्ष दिया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा अनावश्यक और अत्यधिक मात्रा में दवाओं का उपयोग किया जाता है जिनमें आपातकालीन और जीवन रक्षक दवाएं भी शामिल हैं। सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने कहा कि यह गंभीर मामला है और अस्पताल पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।