पोषण माह में गम्हरिया की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने दिखाई पाक-कला, बालीगुमा केंद्र ने जीता प्रथम पुरस्कार
आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता पर जोर, व्यंजन प्रतियोगिता में बालिगुमा केंद्र अव्वल

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित आदित्यपुर बाल विकास परियोजना सभागार में मंगलवार को राष्ट्रीय पोषण माह के तहत प्रखंड स्तरीय व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का आयोजन आदित्यपुर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) दुर्गेश नन्दिनी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में गम्हरिया अंचल अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं ने भाग लेकर पोषण आधारित विभिन्न व्यंजन प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का उपयोग करते हुए पौष्टिक एवं स्वादिष्ट व्यंजन तैयार कर अपनी पाक-कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषणयुक्त भोजन, विविधतापूर्ण आहार और स्वस्थ खान-पान को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। प्रतियोगिता में बालिगुमा आंगनबाड़ी केंद्र को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं विभागीय पदाधिकारियों ने पुरस्कार प्रदान किए। सीडीपीओ दुर्गेश नन्दिनी ने प्रतियोगिता के आयोजन को पोषण माह की गतिविधियों से जोड़ते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण के प्रति जागरूक करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय और आसानी से उपलब्ध खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने की जानकारी परिवारों तक पहुंचाना भी पोषण जागरूकता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम में महिला पर्यवेक्षिका माया महतो के अलावा प्रखंड क्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं। आयोजन के दौरान पोषण माह के उद्देश्यों, संतुलित आहार और आंगनबाड़ी सेविकाओं की भूमिका पर भी चर्चा की गई। राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान देशभर में पोषण जागरूकता और जनभागीदारी से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस वर्ष पोषण से जुड़े कार्यक्रमों में आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन सेवन और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।