जमीनी जांच बनाम बैठक और निर्देश, पेट्रोल संकट पर सरायकेला एसडीओ (आईएएस) मैदान में, चांडिल एसडीओ (जेएएस) सिर्फ निर्देशों तक सीमित
अभिनव प्रकाश की सक्रियता की हो रही सराहना, विकास राय की कार्यशैली पर उठे सवाल

सरायकेला-खरसावां : जिले में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर जारी प्रशासनिक गतिविधियों के बीच सरायकेला और चांडिल अनुमंडल प्रशासन की कार्यशैली में स्पष्ट अंतर देखने को मिला है। एक ओर सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश (आईएएस) खुद मैदान में उतरकर पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करते नजर आए वहीं दूसरी ओर चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार राय (जेएएस) केवल बैठक कर दिशा-निर्देश जारी करते दिखे। इसे लेकर आम लोगों के बीच तुलना शुरू हो गई है। सरायकेला अनुमंडल क्षेत्र में एसडीओ अभिनव प्रकाश ने विभिन्न पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण कर स्टॉक रजिस्टर, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की गहन जांच की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जमाखोरी, कालाबाजारी और उपभोक्ताओं को परेशानी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपभोक्ताओं से भी जानकारी ली और पारदर्शी तरीके से ईंधन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस सक्रियता को आम लोगों ने सराहा है। वहीं चांडिल अनुमंडल में एसडीओ विकास राय ने पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक कर निर्देश जारी किए। बैठक में आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्राथमिकता देने और भीड़ प्रबंधन की बात कही गई लेकिन जमीनी स्तर पर निरीक्षण या जांच अभियान की कोई तस्वीर सामने नहीं आई। इसे लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि जब हालात संवेदनशील हैं तो केवल बैठकों से व्यवस्था कैसे सुधरेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरायकेला एसडीओ अभिनव प्रकाश ने खुद मौके पर पहुंचकर प्रशासनिक जवाबदेही का परिचय दिया जबकि चांडिल क्षेत्र में वैसी सक्रियता नहीं दिखी। लोगों का मानना है कि संकट की स्थिति में अधिकारियों का फील्ड में उतरना जरूरी होता है ताकि जनता में भरोसा कायम रहे और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।