गुमला विधायक भूषण तिर्की ने विधानसभा में उठाया जनहित का मुद्दा
बाईपास और अपर शंख जलाशय को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया

गुमला-: गुमला के विकास और किसानों की समस्याओं को लेकर विधायक भूषण तिर्की ने झारखंड विधानसभा में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई है। उन्होंने विधानसभा के शून्यकाल और गैर-सरकारी संकल्प के माध्यम से गुमला बाईपास सड़क के निर्माण में हो रही देरी और अपर शंख जलाशय योजना की विफलताओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
विधायक भूषण तिर्की ने सदन को सूचित किया कि गुमला विधानसभा क्षेत्र की लाइफ लाइन मानी जाने वाली गुमला बाईपास सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2000 में शुरू हुआ था। आश्चर्य की बात यह है कि 25 साल बीत जाने के बाद भी मात्र 12.8 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है।विधायक ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस विलंब के पीछे विभाग के अधिकारियों और संवेदकों (ठेकेदारों) की गहरी मिलीभगत है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व संवेदकों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दे में भूषण तिर्की ने अपर शंख जलाशय परियोजना का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को बने 40 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी इसके दायीं मुख्य नहर में पानी नहीं पहुँच रहा है। सिंचाई की सुविधा न होने के कारण हजारों किसान खेती छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं। इस मामले पर जल संसाधन विभाग ने स्वीकार किया कि दायीं मुख्य नहर की सिंचाई क्षमता 1785 हेक्टेयर के विरुद्ध वर्तमान में मात्र 1000 हेक्टेयर में ही सिंचाई हो पा रही है। विभाग के अनुसार, नहर कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है और उसमें गाद जमा हो गई है।
सरकार ने कहा है कि क्षेत्रीय संतुलन और बजट की उपलब्धता के आधार पर इस नहर के जीर्णोद्धार के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। विधायक ने मांग की है कि जनहित में तुरंत पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विधायक भूषण तिर्की द्वारा उठाए गए ये दोनों मुद्दे गुमला की जनता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एक ओर जहां बाईपास सड़क के अधूरे रहने से यातायात बाधित है वहीं दूसरी ओर सिंचाई के अभाव में किसानों का भविष्य अधर में लटका है। अब देखना यह है कि सरकार इन मांगों पर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है।