सरहुल रंग आर्ट कैंप में झलकी झारखंड की संस्कृति और परंपरा
युवा कलाकारों ने सरहुल पर्व की संस्कृति को चित्रों में किया जीवंत

Ranchi: कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स, कलाकृति आर्ट फाउंडेशन एवं सोहराई आर्ट झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में “सरहुल रंग – प्रकृति और परंपरा” नामक दो दिवसीय चित्रकला शिविर सह कार्यशाला का सफल आयोजन 17–18 मार्च 2026 को डोरंडा सेंटर में किया गया। इस कला शिविर में 12 से 25 वर्ष आयु युवा कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली तथा सरहुल पर्व के उल्लास को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कलाकारों ने प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, सोहराय एवं सरहुल की पारंपरिक कला शैलियों को रंगों में उकेरते हुए पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ चित्रकार एवं कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के संस्थापक धनंजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। ऐसे कला शिविर युवा कलाकारों को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। हमें अपनी पारंपरिक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाना होगा, ताकि हमारी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।”
उन्होंने आगे कहा कि युवा कलाकारों की सक्रिय भागीदारी और उनकी रचनात्मकता इस बात का प्रमाण है कि झारखंड की कला और संस्कृति का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है।
इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल चित्रकला का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ, बल्कि उन्हें झारखंड की लोक परंपराओं एवं त्योहारों के महत्व से भी अवगत कराया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, सृजनशीलता और सांस्कृतिक गौरव का वातावरण बना रहा।
सरहुल के अवसर पर चयनित चित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी तथा सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मनस्वी तिग्गा, जया कुमारी, पीहू पल्लवी, आकृति, अंजलि, तुषार, निरुपम, विवान, रिद्धि, शाश्वत, आर्यन सहित अन्य विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।