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उषा मोड़ पर रात में गिरा हाई मास्ट पोल, जेनिथ फोर्जिंग की सीएसआर गुणवत्ता पर उठे सवाल

रिपोर्ट: MANISH 2 घंटे पहलेझारखण्ड

करोड़ों के सीएसआर दावों के बीच सड़क पर ढहा सोलर हाई मास्ट, स्थानीय लोगों ने मांगी जांच

उषा मोड़ पर रात में गिरा हाई मास्ट पोल, जेनिथ फोर्जिंग की सीएसआर गुणवत्ता पर उठे सवाल

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत उषा मोड़ पर सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब बीच सड़क पर लगा सोलर हाई मास्ट लाइट पोल अचानक गिर पड़ा। घटना रात करीब एक से दो बजे के बीच की बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि उस समय सड़क पर आवाजाही कम थी अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त हाई मास्ट सोलर लाइट को सीएसआर योजना के तहत जेनिथ फोर्जिंग कंपनी द्वारा लगाया गया था। इलाके में पहले से लगे जेआरडीसीएल के कई रोड लाइट बंद रहने के कारण लोगों को इस हाई मास्ट लाइट से बेहतर रोशनी और सुरक्षा की उम्मीद थी। लेकिन अब पोल गिरने की घटना ने कंपनी की कार्यशैली और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद आसपास के लोगों ने आशंका जताई कि पोल या तो कमजोर नट-बोल्ट और घटिया फाउंडेशन के कारण गिरा या फिर किसी भारी वाहन की हल्की टक्कर भी उसे संभाल नहीं पाई। लोगों का कहना है कि यदि पोल मजबूत तकनीकी मानकों के अनुरूप लगाया गया होता तो इतनी आसानी से सड़क पर नहीं गिरता। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि कई कंपनियां सीएसआर के नाम पर केवल औपचारिकता निभाते हुए जल्दबाजी में कार्य कराती हैं लेकिन सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जाता। लोगों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। नियमों के अनुसार किसी भी हाई मास्ट पोल या सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को स्थापित करने से पहले उसकी मजबूत नींव, गुणवत्तापूर्ण नट-बोल्ट, संतुलन क्षमता और सुरक्षा मानकों की जांच अनिवार्य होती है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) तथा विद्युत सुरक्षा मानकों के तहत सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाने वाले पोल को तेज हवा, कंपन और बाहरी दबाव को सहने योग्य बनाया जाना आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि पोल तकनीकी खराबी से गिरा या किसी अन्य कारण से। साथ ही शहर में लगाए गए अन्य हाई मास्ट पोलों की भी सुरक्षा जांच कराने की मांग उठने लगी है।

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