चिमटिया पंचायत में अबुआ आवास योजना में भारी अनियमितता, रिश्वत लेकर लाभ दिलाने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत सचिव खिलेश्वर भगत द्वारा रिश्वत लेकर अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है और जो लोग पैसे नहीं दे पा रहे हैं उनके आवेदन रोक दिए जा रहे हैं।

इंचागढ़ : चिमटिया पंचायत में अबुआ आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन में भारी गड़बड़ी और अनियमितता सामने आई है। पंचायत सचिव खिलेश्वर भगत पर आरोप है कि वे रिश्वत लेकर अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिला रहे हैं जबकि वास्तविक पात्र लाभार्थियों का काम रोक दिया गया है।
योजना के नियमों की अनदेखी
अबुआ आवास योजना के तहत पात्रता के कुछ मुख्य नियम इस प्रकार हैं। जैसे परिवार के किसी सदस्य को पहले से सरकारी आवास योजना (PMAY या अन्य) का लाभ नहीं मिला होना चाहिए। एक ही राशन कार्ड पर दो लाभ नहीं दिए जा सकते। लाभार्थी को झारखंड का मूल निवासी होना चाहिए और उसी पंचायत में उसका नाम राशन कार्ड/आधार कार्ड में दर्ज होना चाहिए।
गड़बड़ियों के प्रमुख मामले
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अर्जुन महतो को पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घर मिल चुका है लेकिन उनके एकमात्र पुत्रवधू सुरवाला देवी को अबुआ आवास का लाभ दिया गया।
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संतोष कुमार महतो को पहले ही PMAY आवास मिला है लेकिन उनकी मां के नाम पर अबुआ आवास मंजूर कर दिया गया।
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शशि देवी को PMAY आवास मिल चुका है फिर भी उनकी पुत्रवधू द्रौपदी महतो के नाम पर अबुआ आवास स्वीकृत किया गया।
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यशोदा महतो को अबुआ आवास मंजूर हुआ जबकि उनकी सास के नाम पर अधूरा PMAY आवास अभी भी पेंडिंग है।
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ममता महतो के नाम पर अबुआ आवास स्वीकृत किया गया जबकि उनके पिता स्व. सुरेश महतो पहले से इस योजना का लाभ ले चुके हैं। इसके अलावा ममता महतो की शादी पश्चिम बंगाल में हो चुकी है जिससे वे इस योजना की पात्र नहीं हैं।
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सोमवारी महतो के मामले में आधार कार्ड में उम्र 62 वर्ष दिखाकर अबुआ आवास का लाभ लिया गया जबकि मईया सम्मान योजना में उनकी उम्र 34 वर्ष दर्ज की गई।
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एक ही राशन कार्ड (संख्या- 202006121851) पर दो अबुआ आवास मंजूर किए गए—चंचला देवी एवं कैलाश महतो (मां-बेटे)। यह योजना के नियमों के खिलाफ है।
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बिंदा देवी (पति सर्वेश्वर महतो) के नाम पर अबुआ आवास स्वीकृत किया गया जबकि उनके पास चिमटिया गांव का न आधार कार्ड है और न ही राशन कार्ड।
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कोकिला महतो (पति महेश्वर महतो) को अबुआ आवास मिला लेकिन उनके पास चिमटिया गांव का आधार कार्ड या राशन कार्ड नहीं है।
पंचायत सचिव पर रिश्वत का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत सचिव खिलेश्वर भगत द्वारा रिश्वत लेकर अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है और जो लोग पैसे नहीं दे पा रहे हैं उनके आवेदन रोक दिए जा रहे हैं।
जांच की मांग
गांव के निवासियों ने इन गड़बड़ियों की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।