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वार्ड 17 में सीधा मुकाबला नीतू शर्मा बनाम बीरेंद्र सिंह यादव, बाकी प्रत्याशी हाशिए पर

रिपोर्ट: MANISH 4 घंटे पहलेझारखण्ड

काम बनाम वादों की लड़ाई, मतदाता तय करेंगे अनुभव या प्रयोग

वार्ड 17 में सीधा मुकाबला नीतू शर्मा बनाम बीरेंद्र सिंह यादव, बाकी प्रत्याशी हाशिए पर

आदित्यपुर : नगर निगम के वार्ड 17 में चुनावी मुकाबला अब स्पष्ट रूप से दो चेहरों के बीच सिमटता नजर आ रहा है - निवर्तमान पार्षद नीतू शर्मा और प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह यादव। प्रचार के अंतिम दौर में जहां अन्य प्रत्याशी वादों और आरोप-प्रत्यारोप में उलझे दिख रहे हैं वहीं जमीनी स्तर पर मुख्य टक्कर इन्हीं दोनों के बीच मानी जा रही है। करीब छह हजार से अधिक मतदाताओं वाले इस वार्ड में उच्च मध्यमवर्ग, प्रोफेशनल और जागरूक मतदाताओं की संख्या अधिक है। ऐसे में चुनावी बहस का केंद्र भावनात्मक नारों से हटकर कार्य, उपलब्धि और विश्वसनीयता पर आ टिका है। नीतू शर्मा अपने पिछले कार्यकाल के आधार पर जनता के बीच जा रही हैं। जयप्रकाश उद्यान सड़क, स्ट्रीट लाइट और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उनके प्रयासों की चर्चा समर्थकों के बीच प्रमुखता से हो रही है। वहीं बीरेंद्र सिंह यादव स्वयं को समाजसेवी छवि के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं और महिलाओं व युवाओं के बीच सक्रिय प्रचार कर रहे हैं। उनका दावा है कि वे वार्ड में पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करेंगे। उनके समर्थन में भी एक वर्ग सक्रिय दिखाई दे रहा है जिससे मुकाबला रोचक बना हुआ है। दूसरी ओर अन्य प्रत्याशी या तो श्रेय लेने की होड़ में हैं या फिर व्यक्तिगत आरोपों के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस वार्ड के शिक्षित मतदाता ठोस काम और व्यवहारिक एजेंडे को प्राथमिकता देंगे। चुनावी हवा संकेत दे रही है कि मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय नही बल्कि द्वंद्वात्मक हो चुका है। वार्ड 17 में अब यह चुनाव अनुभव बनाम विकल्प की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। अंतिम निर्णय मतदाताओं के हाथ में है जो 23 फरवरी को तय करेंगे कि वे निरंतरता को चुनते हैं या बदलाव को।

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