साकची गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान जगजीत सिंह का निधन, सिख समाज में शोक की लहर
85 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, तीन कार्यकाल तक गुरुद्वारा साहिब में निभाई मुख्य सेवादार की जिम्मेदारी

जमशेदपुर : साकची गुरुद्वारा साहिब के वर्तमान ट्रस्टी एवं पूर्व प्रधान सरदार जगजीत सिंह का मंगलवार को 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से सिख समाज में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी अंतिम यात्रा बुधवार सुबह 11 बजे उनके निवास स्थान 47/ए, गुरु नानक नगर, साकची से निकलेगी। यात्रा गुरुद्वारा साहिब साकची होते हुए स्वर्णरेखा घाट पहुंचेगी जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सरदार जगजीत सिंह ने गुरुद्वारा साहिब साकची में लगभग छह वर्षों तक मुख्य सेवादार के रूप में सेवा दी। उस समय गुरुद्वारा कमिटी का कार्यकाल दो वर्ष का होता था। वे तीन कार्यकाल तक इस जिम्मेदारी पर निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इसके बाद भी वे लंबे समय तक गुरुद्वारा साहिब के ट्रस्टी के रूप में अपनी सेवाएं देते रहे। उनके निधन पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह और महासचिव परमजीत सिंह काले ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरदार जगजीत सिंह अनुभवी, सुलझे हुए और सम्मानित व्यक्तित्व थे। उनका निधन सिख समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। समाज उनके योगदान और सेवाभाव को हमेशा याद रखेगा। वहीं सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रतिनिधिमंडल ने भी उनके निधन पर शोक जताया। सीजीपीसी प्रधान सरदार भगवान सिंह, चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला और तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के महासचिव सरदार इंदरजीत सिंह ने उनके आवास पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। सरदार जगजीत सिंह अपने पीछे पुत्र अमरीक सिंह, तरसेम सिंह तथा भाइयों त्रिलोक सिंह, जयमल सिंह और जोगिंदर सिंह सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।