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झारखंड में 40% खनिज, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की नीति नहीं: सरयू राय

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेझारखण्ड

उद्योग नीति में बदलाव, युवाओं के कौशल विकास और निवेश बढ़ाने पर जोर

झारखंड में 40% खनिज, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की नीति नहीं: सरयू राय

रांची: झारखंड विधानसभा में मंगलवार को बजट पर चर्चा के दौरान जदयू के विधायक सरयू राय ने राज्य के औद्योगिक विकास और युवाओं के कौशल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में देश के लगभग 40 प्रतिशत खनिज संसाधन हैं, लेकिन इन संसाधनों के आधार पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की कोई ठोस नीति नहीं है।

सरयू राय ने बताया कि राज्य में उद्योग न होने के कारण कच्चा माल बाहर चला जाता है और अपेक्षित उद्योग विकसित नहीं हो पाते। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योग नीति को समय-समय पर बदलते हालात और प्राथमिकताओं के अनुसार संशोधित किया जाना चाहिए। दो से तीन साल के अंतराल पर उद्योग नीति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।

विधायक ने कहा कि यदि सरकार औद्योगिक आधारभूत संरचना मजबूत करने पर ध्यान देगी तो राज्य में निवेश बढ़ेगा और इसका लाभ सीधे श्रमिकों और युवाओं को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इंजीनियरिंग के 80 प्रतिशत से अधिक छात्रों में वास्तविक कौशल की कमी पाई जाती है और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सरयू राय ने सुझाव दिया कि युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AGI और चैटजीपीटी जैसे तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार किया जाना चाहिए।

विधायक ने वर्तमान औद्योगिक स्थिति का भी जिक्र किया। राज्य में 26 मेगा उद्योग, 106 बड़े और मध्यम श्रेणी के उद्योग तथा 18 हजार से अधिक पंजीकृत माइक्रो और स्मॉल यूनिट्स कार्यरत हैं। अब तक लगभग 8,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 63,000 लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि जमीन के मामले में उद्योगपतियों ने सीधे रैयतों से लगभग 8,000 एकड़ जमीन हासिल की, जबकि सरकार के माध्यम से केवल लगभग 3,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ।

सरयू राय का मानना है कि औद्योगिक विकास और कौशल प्रशिक्षण के सुधार से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और युवा वर्ग को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

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