वादों के बीच रोजगार सृजन चुनौती, स्वास्थ्य बजट में 15% बढ़ोतरी सकारात्मक कदम : डॉ. अभिषेक के. रामाधीन
झारखंड बजट पर आईएमए के उपाध्यक्ष ने दी प्रतिक्रिया

रांची। झारखंड बजट 2026–27 को लेकर आईएमए के उपाध्यक्ष डॉ. अभिषेक के. रामाधीन ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बजट बड़े वादों और घोषणाओं के साथ प्रस्तुत किया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम देने की स्पष्ट रणनीति अभी दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना और निवेश को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट है।
हालांकि, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, नीति स्थिरता और प्रशासनिक पारदर्शिता के बिना बड़े निवेश को आकर्षित करना आसान नहीं होगा। डॉ. रामाधीन ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट की बातें लगभग हर बजट में दोहराई जाती हैं, लेकिन वास्तविक रोजगार सृजन अब भी राज्य की बड़ी चुनौती बना हुआ है। जब तक उद्योग, सेवा और स्थानीय उद्यमों को ठोस प्रोत्साहन नहीं मिलेगा, तब तक रोजगार का व्यापक प्रभाव नजर नहीं आएगा।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 15 प्रतिशत बजट वृद्धि को सराहनीय कदम बताया। उनके अनुसार, यह ग्रामीण और जिला स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में सकारात्मक पहल है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल बजट आवंटन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। बेहतर क्रियान्वयन, डॉक्टरों की उपलब्धता, तकनीकी एकीकरण और निगरानी तंत्र को मजबूत करना अनिवार्य होगा। डॉ. रामाधीन ने कहा कि कुल मिलाकर बजट कागज पर संतुलित और महत्वाकांक्षी दिखता है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता सरकार की नीयत से अधिक उसकी कार्यक्षमता और क्रियान्वयन क्षमता पर निर्भर करेगी।