सदर अस्पताल में पत्रकारों पर हमला, स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में हुई मारपीट से मचा हड़कंप
दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज, पत्रकारों ने कहा: सवाल पूछना अपराध नहीं

हजारीबाग : सदर अस्पताल में मंगलवार को पत्रकारों पर हुए हमले ने लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की मौजूदगी में भीड़ द्वारा पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना ने पूरे पत्रकारिता जगत में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस हमले में दो पत्रकार घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता गांव के जंगल में एक युवक और दो युवतियों के शव मिलने की घटना के बाद पीड़ित परिजनों से मिलने सदर अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे चतरा से जुड़े एक मामले पर सवाल पूछा। सवाल पूछते ही मौके पर मौजूद भीड़ उग्र हो गई और पत्रकारों पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पत्रकार केवल अपना पेशेवर दायित्व निभा रहे थे लेकिन भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया। इस घटना के बाद पत्रकारों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है इसे हिंसा से दबाया नहीं जा सकता। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि उनके समर्थकों ने हमला नहीं किया। उन्होंने बताया कि कुछ सवालों से मृतक के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे, जिसके कारण स्थिति बिगड़ी। मंत्री ने कहा कि प्रशासन ने उनके निर्देश पर बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। पत्रकार संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो जनता तक सच्चाई कैसे पहुंचेगी। दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग अब तेज हो गई है।