बिजली संकट की मार से जूझ रहा कुकड़ू, तिरुलडीह थाना भी अंधेरे में ड्यूटी करने को मजबूर
जहां पांच जवानों ने दी थी शहादत, वही तिरुलडीह थाना बिजली कटते ही हो जाता है बेबस

तिरुलडीह : सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। अनियमित आपूर्ति और लो वोल्टेज की समस्या से जहां आम लोग परेशान हैं वहीं क्षेत्र का संवेदनशील तिरुलडीह थाना भी बिजली संकट से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि बिजली कटते ही थाना परिसर अंधेरे में डूब जाता है और पुलिसकर्मियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं थाना प्रभारी के अनुसार तिरुलडीह थाना में सोलर एनर्जी पैनल, जनरेटर और इनवर्टर की व्यवस्था तो है लेकिन सोलर पैनल की बैटरियां पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। इन्हें बदलने में लाखों रुपये खर्च होने की संभावना है। बिजली कटौती के कारण जनरेटर पर निर्भरता बढ़ गई है जिसमें हर महीने लगभग 250 लीटर डीजल की खपत होती है। वहीं इनवर्टर से केवल कुछ कमरों में रोशनी की व्यवस्था हो पाती है जबकि कंप्यूटर, पंखे और अन्य जरूरी उपकरण नहीं चल पाते। गौरतलब है कि यही तिरुलडीह थाना क्षेत्र है जहां कुकड़ू हाट बाजार में नक्सलियों ने पांच पुलिसकर्मियों की सरेआम निर्मम हत्या कर दी थी। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र के थाना की यह स्थिति सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। इधर स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में न तो नियमित बिजली मिल रही है और न ही पर्याप्त वोल्टेज के साथ आपूर्ति हो रही है। इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, दुकानदारों के व्यवसाय और ऑनलाइन सेवाओं पर साफ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली आज बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है, लेकिन विभाग उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा तिरुलडीह थाना की ऊर्जा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।