डालसा सचिव राकेश रंजन को एलएडीसी के अधिवक्ताओं ने स्थानांतरण उपरांत दी विदाई
पलामू जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के रूप में सर का योगदान को शब्दों में बांधना वास्तव में कठिन है।

मेदिनीनगर (पलामू) : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह वरीय सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश रंजन को स्थानांतरण उपरांत विदाई दी गई। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं ने उन्हें अंगवस्त्र भेंटकर व मोमेंटो देकर विदाई दी।
बताते चलें कि श्री राकेश रंजन उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर जिला में जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किए गए हैं। बुधवार को उनके वेश्म में विदाई दी गई। मौके पर राकेश रंजन ने कहा कि पलामू एलएडीसी के टीम ने टीम भावना के साथ काम कर गरीब को सुलभ सरल तरीके से न्याय दिलाने में मदद किया है। उन्होंने कहा कि एलएडीसी के लोग काफी मेहनती व जानकार भी हैं।उन्होंने कहा कि डालसा सचिव के रूप में पलामू जिले का कार्यकाल काफी यादगार रहेगा।
कहा कि इसी तरह सभी लोग समन्वय बनाकर कार्य करें। इससे गरीब लाचार वंचित व कारा में निरुद्ध व्यक्ति को न्याय दिला सके।मौके पर एलएडीसी के चीफ अमिताभ चन्द्र सिंह ने कहा कि सर के मार्गदर्शन में हमलोग टीम भावना से काम किए। गरीब व कमजोर समाज के उपेक्षित व जेल में जिनको कोई पूछने वाला नही था उन्हें न्याय दिलाया गया। कहा कि नौकरी पेशा में स्थानांतरण व प्रमोशन लगा रहता है।
सर के द्वारा डालसा को काफी मजबूती प्रदान किया गया। मौके पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि राकेश रंजन अपने कार्य से अमिट छाप छोड़ जा रहे हैं, जो यहां के लोगों के लिए सदा यादगार बना रहेगा । सर, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यभार ग्रहण करने जा रहे हैं, यह जानकारी हमारे लिए गर्व व भावुकता दोनों का संगम है। पलामू जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के रूप में सर का योगदान को शब्दों में बांधना वास्तव में कठिन है।
सर का कार्यकाल हम सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहा है। विशेष रूप से न्यायिक कार्य प्रणाली में, खासकर गरीबों को व जेल में बंद लोगों के हित में जो काम व उनके हितों में सम्मान सर ने दिया है वह हमेशा यादगार रहेगा । सर के नेतृत्व में गरीब लोगों को न्याय न केवल कागजो से बाहर निकाल कर जमीनी हकीकत बनी बल्कि सर का सहजता संवाद की कुशलता और सभी के साथ समानता के व्यवहार करने की शैली ने डिफेंस काउंसिल से जुड़े अधिवक्ता के साथ- साथ पीएलवी व आम जनमानस के साथ पीड़ित व पीड़ित परिवार के लोगों को परिवार का रूप दे दिया। उन्होंने कहा कि सर का जाना हम सब लोगों के लिए निश्चित थी एक बड़ी रिक्तता छोड़ता है।
साथ ही विश्वास भी मजबूत होता है कि आप अपने अगले कार्य क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे और आपका प्रतिभा न्यायिक कार्य में और अधिक प्रभावशाली रूप से सामने आएगा । आप जल्द ही उन ऊंचाइयों को छूने में कामयाब होंगे जिसकी प्रत्याशा हम सबको है। मौके पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के असिस्टेंट वीर विक्रम वक्र्स रॉय,नीतू सिंह, उत्तम कुमार ,असिस्टेंट अमित कुमार विश्वकर्मा, पीएलवी कृपा शंकर दुबे उपस्थित थे।