JSSC की बड़ी लापरवाही? परीक्षा खत्म होने से पहले भेजा एडमिट कार्ड, अभ्यर्थी नहीं दे सका परीक्षा
240 किमी दूर था परीक्षा केंद्र, दोपहर 2:59 बजे मिला ई-मेल, फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा पर उठे गंभीर सवाल

जमशेदपुर/चक्रधरपुर : झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती परीक्षाएं उम्मीद की सबसे बड़ी कड़ी होती हैं लेकिन यदि परीक्षा की सूचना ही परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले मिले तो यह किसी अभ्यर्थी के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय माना जाएगा। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा-2024 को लेकर ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसने आयोग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत हथिया पंचायत के रामदा गांव निवासी राजेश लोहार ने वर्ष 2024 में JSSC की फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था। अगस्त 2024 में आवेदन करने के बाद से वह लगातार परीक्षा की तैयारी कर रहा था और आयोग द्वारा परीक्षा तिथि एवं प्रवेश पत्र जारी होने का इंतजार कर रहा था। राजेश के अनुसार रविवार 19 जुलाई 2026 को दोपहर 2:59 बजे उसके ई-मेल पर JSSC का संदेश प्राप्त हुआ जिसमें उसी दिन आयोजित परीक्षा की सूचना के साथ प्रवेश पत्र संलग्न था। तब तक पहली और दूसरी पाली की परीक्षा समाप्त हो चुकी थी तथा तीसरी पाली शुरू होने में केवल कुछ मिनट शेष थे। सबसे गंभीर बात यह रही कि उस समय राजेश जमशेदपुर में दिहाड़ी मजदूरी कर रहा था जबकि उसका परीक्षा केंद्र लातेहार बनाया गया था। जमशेदपुर से लातेहार की दूरी लगभग 240 किलोमीटर है जिसे तय करने में करीब पांच घंटे का समय लगता है। ऐसे में परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले मिली सूचना के आधार पर परीक्षा केंद्र पहुंचना व्यावहारिक रूप से असंभव था। राजेश का कहना है कि उसने महीनों तक परीक्षा की तैयारी की थी। यदि आयोग समय पर प्रवेश पत्र जारी करता तो वह हर हाल में परीक्षा देने पहुंचता। लेकिन विलंब से सूचना मिलने के कारण उसका यह अवसर छिन गया। अब यह मामला केवल एक अभ्यर्थी तक सीमित नहीं रह गया है। यदि राजेश के दावे सही साबित होते हैं तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि एक बेरोजगार युवक के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। अब सभी की निगाहें JSSC और राज्य सरकार पर टिकी हैं कि क्या आयोग इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा, विलंब से एडमिट कार्ड जारी होने के कारणों का खुलासा करेगा और प्रभावित अभ्यर्थी को न्याय दिलाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।