नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला, दो दोषियों को 25-25 साल की कठोर सजा
चाईबासा कोर्ट का सख्त रुख, पोक्सो मामले में दोषियों पर 25 हजार का जुर्माना भी

चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने सोमवार को दोनों दोषियों को 25 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में दोषियों की पहचान सुनील देवगम और रवि उर्फ गोमिया पुरती के रूप में की गई है। यह मामला पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने अनुसंधान के दौरान वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए, गवाहों के बयान दर्ज किए और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया। लंबी सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के अवलोकन के बाद 09 फरवरी 2026 को अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में अपराध की गंभीरता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। यह फैसला न्याय व्यवस्था की सख्ती और नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।