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छडवा डैम जलापूर्ति केंद्र का महापौर ने किया निरीक्षण

रिपोर्ट: VBN News Desk2 घंटे पहलेझारखण्ड

हजारीबाग महापौर ने गंदगी और लापरवाही पर जताई नाराजगी

छडवा डैम जलापूर्ति केंद्र का महापौर ने किया निरीक्षण

बढ़ती गर्मी को देखते हुए निरीक्षण करने पहुंचे छडवा डैम पानी सप्लाई केंद्र

हजारीबाग। शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच महापौर अरविन्द कुमार राणा ने छडवा डैम स्थित पानी सप्लाई केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र की स्थिति, साफ-सफाई और जल शोधन प्रक्रिया में कई खामियां सामने आईं, जिस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई। बताया जाता है कि हजारीबाग में जलापूर्ति योजना का संचालन हाईडाकोलवो कंपनी के जिम्मे है, जिसे शहर में पानी सप्लाई की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षण के दौरान महापौर ने केंद्र परिसर में फैली गंदगी को देखकर असंतोष व्यक्त किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक सप्ताह के भीतर यहां पूरी तरह साफ-सफाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार निरीक्षण के दौरान स्थिति में सुधार नहीं मिला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के समय कंपनी के सुपरवाइजर सलमान भी मौजूद थे। महापौर ने उनसे जलापूर्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से यह भी पूछा कि छडवा डैम से शहर के विभिन्न पानी टंकियों तक किस प्रकार पानी की आपूर्ति की जा रही है और किन-किन क्षेत्रों में कितनी मात्रा में पानी भेजा जा रहा है। इस दौरान महापौर अरविन्द कुमार राणा ने जल शोधन प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने पाया कि पानी में उपयोग किए जाने वाले रसायनों—जैसे फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर—की मात्रा में अनियमितता बरती जा रही है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पानी की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि रसायनों के उपयोग का पूरा रिकॉर्ड लिखित रूप में रखा जाए और नियमित रूप से इसकी जांच की जाए। हजारीबाग महापौर अरविन्द कुमार राणा ने कहा कि शहरवासियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि जलापूर्ति में लापरवाही बरती गई तो संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। छडवा डैम पानी सप्लाई केंद्र निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर आयुक्त को भी निर्देश दिया कि जलापूर्ति संचालन कर रही कंपनी के कार्यों की विस्तृत जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कंपनी अपने अनुबंध के अनुसार कार्य कर रही है या नहीं। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाए। हजारीबाग महापौर अरविन्द कुमार राणा ने कर्मचारियों को भी सख्त हिदायत दी कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में जलापूर्ति व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालन बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही से शहर में जल संकट उत्पन्न हो सकता है। सप्लाई स्थान पर निरीक्षण के अंत में महापौर ने दोहराया कि एक सप्ताह के भीतर केंद्र की स्थिति में सुधार होना चाहिए और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहरवासियों को किसी भी हाल में खराब पानी पीने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा और जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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