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नहीं दिखा चांद, झारखंड में 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद-उल-फितर

रिपोर्ट: अकरम 1 घंटे पहलेझारखण्ड

इदारा-ए-शरिया का फैसला - 30 रोजे पूरे होंगे, शनिवार को अदा होगी ईद की नमाज

नहीं दिखा चांद, झारखंड में 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद-उल-फितर

रांची : झारखंड सहित देश के कई हिस्सों में ईद-उल-फितर को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। गुरुवार, 19 मार्च 2026 को 29वें रमजान के अवसर पर चांद नहीं दिखने के कारण अब ईद-उल-फितर शनिवार, 21 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यह आधिकारिक घोषणा इदारा-ए-शरिया झारखंड की ओर से की गई है जिसके बाद मुस्लिम समुदाय में पर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं। इदारा-ए-शरिया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना मुहम्मद कुतुबुद्दीन रिजवी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में चांद देखने की व्यापक व्यवस्था की गई थी। रांची, धनबाद, जमशेदपुर, डाल्टेनगंज, राजमहल, दुमका, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, लातेहार, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां सहित 70 से अधिक स्थानों पर स्थानीय लोगों और उलेमाओं की निगरानी में चांद देखने की कोशिश की गई। हालांकि अधिकांश स्थानों पर मौसम खराब रहा और बादल छाए रहने के कारण चांद दिखाई नहीं दिया। वहीं जिन क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत साफ था वहां भी चांद नजर नहीं आने की पुष्टि की गई। इसके अलावा देश के अन्य प्रमुख शहरों जैसे पटना, पूर्णिया, गया, वाराणसी, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, रायपुर, आसनसोल, गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों से भी संपर्क स्थापित किया गया लेकिन कहीं से भी चांद दिखने की सूचना प्राप्त नहीं हुई। इन सभी तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर दारुल कजा इदारा-ए-शरिया झारखंड के काजीयाने शरीयत की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मौलाना मुफ्ती मुहम्मद अनवर निजामी मिस्बाही की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें कई वरिष्ठ उलेमा और धार्मिक विद्वान शामिल हुए। गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष रमजान के 30 रोजे पूरे किए जाएंगे और ईद-उल-फितर की नमाज शनिवार, 21 मार्च को अदा की जाएगी। बैठक में मौलाना सैयद शाह अलकामा शिबली कादरी, मौलाना मुफ्ती फैजुल्लाह मिस्बाही, मौलाना मुफ्ती एजाज हुसैन मिस्बाही, कारी मुहम्मद अयूब रिजवी, मौलाना डॉ. ताजुद्दीन रिजवी, मौलाना शमशाद आलम मिस्बाही सहित कई प्रमुख धर्मगुरु उपस्थित रहे। सभी ने एकमत होकर इस निर्णय का समर्थन किया। मौलाना रिजवी ने आम लोगों से अपील की कि वे ईद के पावन अवसर को शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना आत्मसंयम, इबादत और सामाजिक एकता का संदेश देता है इसलिए ईद के दिन भी उसी भावना को बनाए रखना आवश्यक है। ईद की तारीख तय होने के साथ ही बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। लोग खरीदारी, सेवइयां, कपड़े और अन्य जरूरी सामान जुटाने में लगे हैं। मस्जिदों और ईदगाहों में भी नमाज की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं ताकि ईद का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। इस प्रकार चांद न दिखने के कारण एक दिन की देरी से सही, लेकिन पूरे राज्य में अब ईद-उल-फितर 21 मार्च को पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाई जाएगी।

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