बिहार में नीतीश युग का अंत, सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव, नितीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई दिशा में बढ़ा बिहार

पटना : बिहार की राजनीति में 14 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया जब करीब दो दशकों तक सत्ता में रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ‘नीतीश युग’ का औपचारिक अंत हो गया। इसके साथ ही सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में उभरकर सामने आए हैं। मंगलवार शाम उन्हें भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया जबकि 15 अप्रैल को लोकभवन में उनके शपथ ग्रहण की तैयारी है। यह राजनीतिक परिवर्तन राज्य में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। कभी लालू प्रसाद यादव के साथ राजनीति करने वाले सम्राट चौधरी आज भाजपा के सबसे भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते हैं और सत्ता के शीर्ष तक पहुंच चुके हैं। सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले में हुआ था। उनके पिता शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक नेताओं में रहे जबकि उनकी माता पार्वती देवी भी विधायक रह चुकी हैं। 1990 के दशक में उन्होंने सक्रिय राजनीति की शुरुआत की और 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने। 2018 में भाजपा में शामिल होने के बाद उनका राजनीतिक ग्राफ तेजी से बढ़ा। 2019 में प्रदेश उपाध्यक्ष, 2020 में विधान परिषद सदस्य, 2022 में नेता प्रतिपक्ष और 2023 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद 2024 में वे उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री बने। गृह मंत्री के रूप में उनकी सख्त छवि सामने आई। अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अभय ब्रिगेड और पिंक पुलिसिंग जैसी पहल तथा डायल 112 की त्वरित व्यवस्था उनके प्रमुख फैसलों में शामिल रहे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कुशवाहा समाज से आने वाले सम्राट चौधरी को आगे कर भाजपा ने राज्य के जातीय समीकरणों में नई रणनीति अपनाई है। अब सभी की नजरें नई सरकार के गठन और आने वाले फैसलों पर टिकी हुई हैं जो बिहार की राजनीति की दिशा तय करेंगे।