UPI पर MDR के विरोध में 2 अक्टूबर को ‘नो UPI डे’, QR कोड पर काला कपड़ा लगाकर करेंगे विरोध
AIMRA झारखंड के जिला उपाध्यक्ष योगेश कुमार ने कहा कि मोबाइल रिटेलर्स डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बोकारो। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA), झारखंड ने UPI लेन-देन पर लागू 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) के विरोध में 2 अक्टूबर को ‘NO UPI DAY’ मनाने का आह्वान किया है। इस दौरान आंदोलन में शामिल मोबाइल रिटेलर्स UPI भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे और अपने प्रतिष्ठानों में लगे QR कोड पर काला कपड़ा लगाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे।
AIMRA के अनुसार, नए UPI फ्रेमवर्क में ₹2,000 से अधिक के पात्र व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया गया है। ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगा। हालांकि ₹2,000 तक के कुछ व्यापारी भुगतान और निर्धारित श्रेणी के छोटे व्यापारियों के लेन-देन को इससे छूट दी गई है।
मोबाइल रिटेल कारोबार में अधिकांश बिल ₹2,000 से अधिक होने के कारण एसोसिएशन ने इस व्यवस्था से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की बात कही है। AIMRA का दावा है कि देश के करीब 1.5 लाख मोबाइल रिटेलर्स पर सालाना लगभग ₹500 करोड़ का अतिरिक्त MDR भार पड़ सकता है।
AIMRA झारखंड के जिला उपाध्यक्ष योगेश कुमार ने कहा कि मोबाइल रिटेलर्स डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने UPI merchant payments को Zero MDR रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन UPI या Digital India के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यापारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक भार के विरोध में है। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय और संबंधित संस्थाओं से MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।