मजदूर दिवस पर मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में नन्हे बच्चों ने श्रम की गरिमा को किया सलाम
ग्राउंड स्टाफ का सम्मान कर प्रधानाचार्य संतोष सिंह बोले: मजदूर हैं देश की असली शक्ति

जमशेदपुर : साकची स्थित गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी साकची के अंतर्गत संचालित मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में मजदूर दिवस के अवसर पर एक भावनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रम की गरिमा और मजदूरों के प्रति सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के ग्राउंड स्टाफ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के ग्राउंड स्टाफ सदस्य रवींद्रनाथ चटर्जी, रजनी कौर, ज्योति बाई, परी मुखी तथा युधिष्ठिर महतो को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। बच्चों ने इन सभी सम्मानित कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए गीत, नृत्य और कविताओं की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में ग्रीन, येलो, ब्लू और रेड हाउस के विद्यार्थियों इश्मित कौर, सेजल कुमारी, निहारिका पात्रो, रिधम पात्रो, वंश कुमार, ज्ञानवी कुमारी, दलजीत सिंह तथा माहिप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की मासूम अभिव्यक्तियाँ और श्रमिकों के प्रति सम्मान का भाव देखकर उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाएँ और अन्य विद्यार्थी भावुक हो उठे। पूरा विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य संतोष सिंह ने कहा कि मजदूरों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब बच्चे यह समझेंगे कि जो व्यक्ति स्कूल की सफाई करता है बगीचे को सींचता है और परिसर को व्यवस्थित रखता है, वह भी समाज का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जितना कोई शिक्षक, डॉक्टर या अधिकारी। उन्होंने कहा कि मजदूर हमारे समाज की असली शक्ति हैं। इनके बिना कोई भी संस्था पूर्ण नहीं हो सकती। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। यदि वे अभी से श्रमिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता रखना सीख लें तो समाज निश्चित रूप से बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन स्कूल की वरिष्ठ शिक्षिका गुरमीत कौर ने किया। अंत में राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़ती हैं। मजदूर दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों में श्रम के सम्मान और मानवीय मूल्यों को विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।