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पलामू प्रमंडल को उप राजधानी बनाना होगा, तभी होगा क्षेत्र का विकास : रूचिर तिवारी

रिपोर्ट: Ashwini kumar Ghai9 दिन पहलेझारखण्ड

20 सूत्री मांगों को लेकर शहीद मैदान से ले झारखंड विधानसभा के गेट तक हुआ मार्च

पलामू प्रमंडल को उप राजधानी बनाना होगा, तभी होगा क्षेत्र का विकास : रूचिर तिवारी

मेदिनीनगर (पलामू) : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने 20 सूत्री मांगों को लेकर शहीद मैदान से लेकर झारखंड विधानसभा के गेट तक मार्च किया। मार्च का नेतृत्व राज्य सचिव महेंद्र पाठक, पलामू जिला सचिव रुचिर कुमार तिवारी, गढ़वा के नेता गणेश सिंह, अभय कुमार भूइंया, उमेश सिंह चेरो, करीमन पासवान आदि ने संयुक्त रूप से किया।

मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सचिव डी राजा मौजूद थे। मौके पर भाकपा जिला सचिव रुचिर कुमार तिवारी ने कहा कि झारखंड बने हुए 25 वर्ष हो गए । परंतु अभी तक झारखंड वासियों के हित में स्थानीय नियोजन नीति नहीं बनी। झारखंड विधानसभा के अंदर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर व जसपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा स्थापित नहीं की गई।

झारखंड में घर बनाने के लिए बिहार से बालू आ रहा है। परंतु झारखंड का बालू चीनी के भाव हो गया है। रघुवर सरकार का बंद किया गया 5000 सरकारी स्कूलों को अभी तक चालू नहीं किया गया। खेतों में सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है। झारखंड में बेरोजगारों की लंबी फौज खड़ी है। इस दिशा में कोई ध्यान नहीं है। लाखों नौकरियों की बहाली रिक्त पड़ी है। परंतु इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।

शासन- प्रशासन केवल झारखंड की खनिज संपदाओं को अडानी व अंबानी के हाथों लूटाने में मशगूल है। झारखंड के खनिज संपदाओं पर बाहरी पूंजीपतियों का कब्जा बढ़ते जा रहा है। झारखंडवासी व आदिवासी मूल वासियों को दो वक्त का रोटी भी नसीब नहीं हो रही है। झारखंड सरकार सहित पलामू जिला के ही वित्त मंत्री पलामू की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं।पलामू जिला को उप राजधानी बनाने की बात पिछले बार ही हेमंत सरकार ने की थी।

इस विधानसभा मार्च के माध्यम से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी झारखंड सरकार को आगाह कर रही है कि हमारी 20 सूत्री मांगों पर सुनवाई कर उसको लागू नहीं किया जाएगा तो अबकी बार झारखंड विधानसभा मार्च नहीं बल्कि झारखंड विधानसभा के समीप अनिश्चितकालीन हजारों की संख्या में धरना दिया देंगे। मार्च में प्रभु कुमार साव, निरंजन कमलापुरी, फेकन उरांव, कामेश्वर सिंह , राजेंद्र बैठा, लखन राम, विनोद भूइंया, मोइनुद्दीन अंसारी, नसीम राइन , सोनू अहमद, मुनेश चौधरी, सहित हजारों लोग शामिल थे।

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