पलामू पुलिस ने गैंगस्टर प्रिंस खान व सूजीत सिन्हा गिरोह के आठ शूटरों को किया गिरफ्तार, चार पिस्टल बरामद
घटना अंजाम देने के बाद सुजीत सिन्हा व प्रिंस खान अपने गुर्गे अमित चौधरी को मलेशिया में शिफ्ट कराने की थी योजना

घटना को अंजाम देने के पहले पुलिस ने किया गिरफ्तार
मेदिनीनगर (पलामू) : पलामू पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक रिष्मा रमेशन के निर्देश पर सदर थाना प्रभारी लाल जी ने एक टीम गठित कर कारवाई करते हुए आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तार सभी अपराधियों को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया।पलामू एसपी रिष्मा रमेशन ने बताया कि कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा ने प्रिंस खान के साथ हाथ मिलाया है।
सभी गिरफ्तार अपराधी सुजीत सिन्हा व प्रिंस खान के निर्देश पर सिंगरा व चियांकी में एनएचएआई के चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य स्थल पर गोलीबारी की घटना को अंजाम देने के फ़िराक में थे। इसी क्रम में पुलिस ने अमित चौधरी, आकाश शुक्ला, कौशल पासवान, नीरज चन्द्रवंशी, छोटन पासवान, अख्तर अंसारी, अविनाश गिरी व बॉबी कुमार राम को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने दो देशी पिस्टल, दो देशी कट्टा, चार मैगजीन,14 जिंदा गोली, सात मोबाइल फोन, तीन बाइक व दहशत फैलाने के लिए प्रिंस खान के नाम से छोड़ा गया एक पर्चा बरामद किया है ।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चियांकी स्थित निर्माणाधीन ओवर ब्रिज से तीन युवक, सिंगरा फोर लेन अमानत नदी के पास से दो युवक व सिंगरा स्थित निर्माणाधीन ओवर ब्रिज से तीन युवकों को अवैध हथियार गोली व अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ करने के क्रम में पता चला कि इन सभी का मकसद प्रिंस खान व सुजीत सिन्हा के नाम पर रंगदारी के लिए एनएचएआई का पलामू में चल रहे कार्य स्थल पर फायरिंग कर मजदूरों को नुकसान पहुंचाना था। ताकि मोटी रकम रंगदारी के रूप में वसूली जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सुजीत सिन्हा का एक व्यक्ति छद्म नाम कुबेर के नाम से गैंग को संचालित किया जा रहा है। कुबेर सुजीत सिन्हा व प्रिंस खान का कोऑर्डिनेटर है।
कुबेर अभी वर्तमान में आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों को इकट्ठा कर गैंग को चला रहा है। इनका मानना है कि यदि किसी प्रकार की अपराधिक घटना को अंजाम तक पहुंचा दिया जाए तो इसकी जिम्मेवारी सुजीत सिन्हा गैंग को दी जाए। अगर घटना कार्य करते हुए पकड़े जाएं तो इसकी जिम्मेदारी प्रिंस खान गैंग को दी जाए। क्योंकि प्रिंस खान वर्तमान में देश से बाहर है। पूछताछ के क्रम में यह बात भी प्रकाश में आया कि पकड़े गए अपराधियों में से एक अमित चौधरी व रितिक चौधरी नामक युवक बाकी पकड़े सभी युवकों को ऑर्डिनेट कर रहा था। अमित चौधरी लगातार कुबेर से संपर्क में था। वह उसी के निर्देश पर अन्य अपराधियों को कुबेर का निर्देश देता था। घटना को अंजाम देने के बाद अमित चौधरी को मलेशिया भागकर उसे वहीं शिफ्ट करने का इरादा था। इन अपराधियों ने बताया कि कुबेर ने कहा था कि लेबर पर गोली चलाना है। इसके बाद प्रिंस खान गैंग के नाम से पर्ची फेंकने है। इनके निशानदेही पर प्रिंस खान गैंग नाम की धमकी भरी पर्ची बरामद की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गढ़वा के मेरौनी गांव का 25 वर्षीय अमित चौधरी उर्फ रितिक चौधरी का सुजीत सिन्हा से कनेक्शन है। अन्य सभी सात अपराधियों से जेल में जान पहचान हुई थी। अमित ने इन सभी को एक गिरोह में शामिल किया।
उन्होंने बताया का अमित का सीधा संबंध कुबेर से है। नीरज, आकाश व छोटन पासवान एक साथ जेल में थे। जल से बाहर निकालने के बाद ये सभी एक दूसरे से कनेक्ट थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छापेमारी टीम में पुलिस उपाधीक्षक राजीव रंजन, सदर थाना प्रभारी लाल जी, पंड़वा थाना के एसआई राजू गुप्ता, टीओपी 01 के टाइगर पुलिस, पुलिस अधीक्षक पलामू तकनीकी शाखा की टीम के अलावा सदर व पंडवा थाना पुलिस जवान शामिल थे।