आज से संसद का मानसून सत्र, हंगामेदार शुरुआत के आसार
विपक्ष ने नीट पेपर लीक, श्रीराम मंदिर चढ़ावा और एथेनॉल समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग उठाई, सरकार आठ विधेयक लाएगी
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी। विपक्ष के तेवरों को देखते हुए सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित कर सकते हैं।
सत्र से पूर्व रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट पेपर लीक, एथेनॉल, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की। बैठक की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट को बुलाए जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक, झामुमो, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और शिवसेना (यूबीटी) सहित कई दलों ने कुछ समय के लिए बैठक का बहिष्कार भी किया। बाद में सरकार के स्पष्टीकरण के बाद सभी दल बैठक में लौट आए।
सरकार ने बताया कि संबंधित गुट के 20 सांसदों ने अलग समूह बनाकर लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष मान्यता के लिए आवेदन दिया है, इसलिए उन्हें बैठक में आमंत्रित किया गया।
करीब तीन घंटे चली बैठक में 40 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी दलों ने अपने-अपने मुद्दे रखे और सदन का सुचारु संचालन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सरकार ने मानसून सत्र में आठ विधेयक पेश करने की तैयारी की है। इनमें विदेशी योगदान (नियमन) संशोधन विधेयक और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक शामिल हैं। वहीं महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को लेकर सरकार ने अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है।