मेदांता हॉस्पिटल इरबा में इलाज के दौरान मरीज की मौत, लापरवाही का आरोप
ऑपरेशन में देरी, स्टाफ के व्यवहार और इलाज में कमी पर परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

ओरमांझी: रांची के ओरमांझी स्थित मेदांता हॉस्पिटल इरबा में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। मृतक की पहचान हजारीबाग निवासी गोविंद मोहन मिश्रा (35 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मरीज को 24 तारीख को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। शुरुआती इलाज के दौरान ही नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। आरोप है कि स्टाफ को कैथेटर और कैनुला लगाने जैसी बुनियादी प्रक्रिया का भी सही ज्ञान नहीं था।
मृतक की बहन एवं अटेंडेंट राधा मिश्रा ने बताया कि 26 तारीख को ऑपरेशन करने की बात कही गई थी, लेकिन इससे पहले मेडिकल सुपरिटेंडेंट द्वारा मरीज को कहीं और ले जाने की सलाह दी गई, जिससे परिजन हैरान रह गए। इस पर सवाल उठाने पर अस्पताल प्रबंधन का व्यवहार भी कथित तौर पर संतोषजनक नहीं रहा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए तत्काल ऑपरेशन के लिए भुगतान कराया, लेकिन इसके बावजूद ऑपरेशन में देरी की गई।
ऑपरेशन थिएटर खाली नहीं होने का हवाला देकर घंटों इंतजार कराया गया। विरोध के बाद अचानक मरीज को बिना पूर्व सूचना के ओटी में ले जाया गया। ऑपरेशन के बाद भी डॉक्टरों द्वारा काफी देर तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि बार-बार पूछताछ और शिकायत के बाद ही मरीज की स्थिति बताई गई। इलाज के दौरान लापरवाही के अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। परिजनों के मुताबिक, मरीज का ब्लड प्रेशर लगातार गिरता रहा और नाक से खून आने जैसी समस्याएं होती रहीं, लेकिन समय पर उचित ध्यान नहीं दिया गया। कई बार कहने के बाद ही स्टाफ सक्रिय हुआ।
यहां तक कि मरीज की साफ-सफाई में भी देरी किए जाने का आरोप लगाया गया है। अंततः इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।