ताज़ा-ख़बर

सरायकेला-खरसावां जिले में पहली बार PIB का वार्तालाप, पत्रकारों और प्रशासन के बीच हुआ सीधा संवाद

रिपोर्ट: MANISH 1 घंटे पहलेझारखण्ड

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह बोले- जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन से ही संभव है स्थायी सामाजिक बदलाव

सरायकेला-खरसावां जिले में पहली बार PIB का वार्तालाप, पत्रकारों और प्रशासन के बीच हुआ सीधा संवाद

आदित्यपुर : झारखंड के सुदूरवर्ती जिलों में से एक सरायकेला-खरसावां में पहली बार भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रांची की ओर से पत्रकारों के साथ वार्तालाप-2026 मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। आदित्यपुर स्थित होटल द क्रूज में शनिवार को आयोजित कार्यशाला में जिले के मीडिया प्रतिनिधियों, प्रशासन और विशेषज्ञों के बीच ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम-2026, स्वच्छता ही सेवा और पोषण माह जैसे जनसरोकार के विषयों पर विस्तृत संवाद हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि व्यवहार परिवर्तन और जागरूकता सामाजिक बदलाव के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने जिले में कुपोषण, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की तथा संस्थानों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया। PIB रांची/भुवनेश्वर के अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा ने कहा कि वार्तालाप पत्रकारों और सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण सेतु है। उन्होंने समाज में पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से तथ्यात्मक जानकारी साझा करने और संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत से हुई। PIB रांची के कार्यालय प्रमुख गौरव कुमार पुष्कर ने PIB की भूमिका, पत्रकार कल्याण योजनाओं, RNI तथा केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) की कार्यशैली की जानकारी दी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर अनिल कुमार शर्मा ने SWM नियम, 2026 के तहत क्षेत्र कवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन और प्रभावी निस्तारण की जानकारी दी। चांडिल की सीडीपीओ सुप्रिया शर्मा ने नौवें पोषण माह के हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी विषय पर मातृ स्वास्थ्य, बाल पोषण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा स्थानीय भोजन के महत्व को बताया। दूरदर्शन झारखंड के सहायक निदेशक दिवाकर कुमार ने पोषण, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया। पद्मश्री छुटनी महतो ने डायन प्रथा के विरुद्ध अपने संघर्ष के अनुभव साझा किए। डीपीआरओ अविनाश कुमार, गौरांग बेरा, शिवेंद्र नाथ तिवारी और शिवानी केशरी ने भी विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। समापन पर पीआईबी के सूचना सहायक प्रिंस कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इन्हें भी पढ़ें.