महिला शिक्षिका से मारपीट मामले में शिक्षक अजय कुमार महतो पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी, निलंबन की प्रक्रिया तेज
ग्राम शिक्षा समिति ने भी खोला मोर्चा, आरोपी शिक्षक को विद्यालय से हटाने की सर्वसम्मत अनुशंसा

सरायकेला-खरसावां : जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय केंदुआ में महिला शिक्षिका के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के मामले में शिक्षक अजय कुमार महतो की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जिला शिक्षा विभाग की जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि की है। रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अंतिम निर्णय अब जिला स्थापना समिति और उपायुक्त स्तर से लिया जाएगा। जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर है और यहां महिलाओं के सम्मान व सुरक्षित कार्य वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिक्षक द्वारा हिंसक अथवा अमर्यादित व्यवहार स्वीकार्य नहीं है तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार विद्यालय की एक महिला शिक्षिका ने अपने सहकर्मी अजय कुमार महतो पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच समिति गठित की थी। जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद विभागीय कार्रवाई की दिशा लगभग तय मानी जा रही है। इधर इस मामले ने नया मोड़ भी ले लिया है। आरोपी शिक्षक अजय कुमार महतो ने पलटवार करते हुए सहकर्मी शिक्षिका अनुप्रिया सिंह पर बच्चों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक छात्र के अभिभावक के माध्यम से सीनी ओपी में शिकायत दर्ज कराई है। सीनी ओपी प्रभारी विनय कुमार सिंह के अनुसार पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर रही है। वहीं विद्यालय में लगातार विवादों से नाराज ग्राम शिक्षा समिति, विद्यालय प्रबंधन समिति एवं अभिभावकों ने 17 जुलाई को विशेष बैठक आयोजित कर शिक्षक अजय कुमार महतो को विद्यालय से हटाकर अन्यत्र पदस्थापित करने की सर्वसम्मत अनुशंसा की। बैठक में पारित प्रस्ताव, कार्यवाही रजिस्टर की प्रति और अनुशंसा पत्र जिला शिक्षा अधीक्षक एवं उपायुक्त को सौंप दिया गया है। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों के आपसी विवाद का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण पर पड़ रहा है। उनका मानना है कि विद्यालय में अनुशासन और बेहतर शिक्षण व्यवस्था बहाल करने के लिए शीघ्र कार्रवाई आवश्यक है। अब विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ ग्राम शिक्षा समिति की अनुशंसा पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।