बीमार ग्रामीण से मिलने सुबह-सुबह गांव पहुंचे अध्यक्ष मनोज चौधरी, अनाथ बच्चों को योजनाओं से जोड़ने का दिया निर्देश
नशा, बाल श्रम और अनाथ बच्चों के मुद्दे पर सख्त दिखे मनोज चौधरी, सरकारी योजनाओं से जोड़ने का दिया निर्देश

सरायकेला : नगर पंचायत के नव निर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने सोमवार सुबह देहुरीडीह गांव पहुंचकर हृदय रोग से पीड़ित ग्रामीण अभिमन्यु नायक का हाल-चाल लिया। उनकी बीमारी की सूचना मिलते ही अध्यक्ष मनोज चौधरी सुबह करीब 7 बजे साधारण वेशभूषा में ही गांव पहुंच गए जिससे ग्रामीणों के बीच उनकी संवेदनशीलता और सादगी की काफी सराहना हुई। मौके पर उन्होंने तत्काल नकुल चौधरी से बातचीत कर मरीज के बेहतर इलाज के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में समुचित व्यवस्था कराने को लेकर समन्वय स्थापित किया। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मरीज के इलाज में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। गांव में मौजूद लोगों से बातचीत के दौरान मनोज चौधरी ने नशा की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि समाज को नशे की लत से मुक्त कराने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इस दौरान उन्होंने गांव में बाल श्रम और बच्चों के भविष्य को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। जानकारी मिलने पर कि कुछ छोटे बच्चे पैसों के लालच में देर रात तालाब से कमल और अन्य फूल तोड़ने जाते हैं, उन्होंने बच्चों के परिजनों को फटकार लगाई और स्पष्ट कहा कि बच्चों को स्कूल भेजना और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना हर परिवार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की समस्या है तो लोग सीधे उनसे संपर्क करें, हर संभव मदद की जाएगी। ग्रामीणों से कुशलक्षेम पूछने के क्रम में उन्हें यह भी जानकारी मिली कि बैसाखी नामक महिला की मृत्यु के बाद उसके तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल बाल संरक्षण पदाधिकारी संतोष ठाकुर को मौके पर बुलाया और अनाथ बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब 15 वर्षों से जनसेवा में सक्रिय मनोज चौधरी की कार्यशैली से वे काफी प्रभावित हैं। उनकी इस पहल की सराहना करते हुए गांववासियों ने उन्हें धन्यवाद दिया और भविष्य में भी इसी तरह क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर सेवा करते रहने की अपेक्षा जताई।