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विस्थापितों को मुआवजा और नौकरी दिलाना होगा चुनावी मुद्दा: मुन्नी हांसदा

रिपोर्ट: कार्तिक कुमार154 दिन पहलेझारखण्ड

मुन्नी हांसदा कठिकुंड ब्लॉक के महुआ गढ़ी कोल ब्लॉक के विरुद्ध में 2008 में जबरदस्त आंदोलन की थी और उस आंदोलन के दौरान पुलिस के द्वारा गोलीबारी भी की गई।

पाकुड़। विस्थापन के मुद्दे को लेकर प्रखर आंदोलनकारी रही मुन्नी हांसदा ने लिट्टीपाड़ा विधानसभा से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतर आई है। मुन्नी हांसदा बुधवार को स्कूटनी के पश्चात कहा कि लिट्टीपाड़ा विधानसभा में विस्थापितों को उनका वास्तविक हक ,नौकरी के साथ-साथ सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी।

कहा कि लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के कोल माइंस इलाके के विस्थापितों को ना तो उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा दिया गया और ना ही नौकरी। नौकरी केवल मात्र मजदूरी दर से भी कम उन्हें पैसा दी जा रही है। कहा कि इन्हीं सब मुद्दों को लेकर हुए लिट्टीपाड़ा विधानसभा की जनता के बीच जाएगी और वोट मांग कर लोगों को उन्हें वास्तविक उनका हक दिलाने का काम करेगी ।कहा कि पचवारा कोल माइंस से विस्थापित हुए बिशनपुर, कथलडीह के लोग आज बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव के बीच में जी रहे हैं। ना तो प्रशासन उनकी बात सुनती है और नहीं शासन ।

29.jpg सभी लोग यहां पे रोल पर काम कर रहे हैं। अगर समय रहते विस्थापितों को उनका वाजिब हक नहीं मिला तो वे बहुत जल्द वेस्ट बंगाल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुख्यालय कोलकाता में हजारों, हजार विस्थापितों को लेकर वहां धरना पर बैठेगी। मालूम हो की मुन्नी हांसदा कठिकुंड ब्लॉक के महुआ गढ़ी कोल ब्लॉक के विरुद्ध में 2008 में जबरदस्त आंदोलन की थी और उस आंदोलन के दौरान पुलिस के द्वारा गोलीबारी भी की गई। गोलीबारी में कुछ लोग घायल भी हुए थे और अंततः सरकार को कॉल ब्लॉक को रद्द करना पड़ा।

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