झारखंड में वन विभाग के सेवा विस्तार पर उठा सवाल, राजद महासचिव ने की सीबीआई जांच की मांग
सेवा विस्तार पर उठाए सवाल, वन संरक्षण की आड़ में अवैध गतिविधियों का आरोप, भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के जांच की मांग

सरायकेला : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) झारखंड के प्रदेश महासचिव अर्जुन प्रसाद यादव ने वन विभाग के सेवानिवृत्त रेंजर दिग्विजय सिंह को दिए गए सेवा विस्तार को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने दिग्विजय सिंह पर भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीबीआई जांच कराने की अपील की है। राजद नेता अर्जुन प्रसाद यादव का कहना है कि पहले भी 17 सेवानिवृत्त रेंजरों ने सेवा विस्तार की मांग की थी लेकिन सरकार ने इसे अस्वीकार कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने अपने रसूख और धनबल के दम पर सेवा विस्तार प्राप्त कर लिया और वन विभाग में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों का अतिरिक्त प्रभार भी हासिल कर लिया। अर्जुन प्रसाद यादव ने दावा किया कि दिग्विजय सिंह के कार्यभार संभालने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बंद आरा मशीनों को फिर से चालू करवा दिया गया। इसके अलावा उन्होंने वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले जमीन दलालों और लकड़ी तस्करों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। राजद नेता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि दिग्विजय सिंह के पूरे कार्यकाल की गहन जांच सीबीआई से करवाई जाए और उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को जब्त किया जाए।
यह झारखंड के लिए गंभीर मामला : अर्जुन प्रसाद यादव
राजद महासचिव ने कहा कि वन संपदा की अंधाधुंध कटाई और अवैध कब्जे के कारण झारखंड की प्राकृतिक धरोहर को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने सरकार से दिग्विजय सिंह के सेवा विस्तार को तुरंत रद्द करने और वन विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की। अब देखना होगा कि राजद नेता की इस मांग पर सरकार और वन विभाग क्या रुख अपनाते हैं। क्या दिग्विजय सिंह की सेवा विस्तार को लेकर पुनर्विचार किया जाएगा या फिर मामले की गहन जांच होगी? यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।