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700 छात्रों पर सिर्फ 9 शिक्षकों का सहारा, जादूगोड़ा के +2 विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था बदहाल

रिपोर्ट: VBN News Desk3 घंटे पहलेझारखण्ड

चार वर्ष पहले मिला उच्च माध्यमिक दर्जा, आज भी विषय शिक्षकों का इंतजार, अभिभावकों में बढ़ी चिंता

700 छात्रों पर सिर्फ 9 शिक्षकों का सहारा, जादूगोड़ा के +2 विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था बदहाल

जादूगोड़ा (सौरभ कुमार) : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय +2, जादूगोड़ा की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। विद्यालय को चार वर्ष पूर्व उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय का दर्जा तो मिल गया लेकिन आज तक कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए एक भी नियमित विषय शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अनिश्चितता के बीच गुजर रहा है। विद्यालय में पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक लगभग 700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं जबकि पूरे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था केवल नौ शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही है। सबसे अधिक परेशानी उच्च माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को झेलनी पड़ रही है। विद्यालय में 11वीं कक्षा में 268 तथा 12वीं कक्षा में 138 विद्यार्थी नामांकित हैं लेकिन विज्ञान, कला और वाणिज्य विषयों के लिए एक भी स्थायी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। विद्यालय की प्राचार्या रीना कुमारी ने बताया कि वर्ष 2023 में शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय को +2 का दर्जा प्रदान किया गया था। उस समय उम्मीद थी कि जल्द ही विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी लेकिन चार साल बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मध्य विद्यालय और हाई स्कूल स्तर के शिक्षक अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाते हुए उच्च माध्यमिक कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं जो विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। प्राचार्या के अनुसार उच्च माध्यमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेषज्ञ विषय शिक्षकों की आवश्यकता होती है। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति मार्गदर्शन प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर उनके भविष्य और बोर्ड परीक्षा परिणामों पर पड़ सकता है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विद्यालय को +2 का दर्जा देना स्वागत योग्य कदम था लेकिन बिना शिक्षकों के यह केवल कागजी उपलब्धि बनकर रह गया है। उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक से तत्काल विषयवार शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति अथवा नियमित नियुक्ति की मांग की है। अभिभावकों की प्रमुख मांगें यह है कि 11वीं और 12वीं के लिए विषयवार शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति, नियमित बहाली तक अस्थायी या प्रतिनियुक्ति व्यवस्था सहित विज्ञान, कला एवं वाणिज्य संकाय के लिए पर्याप्त शैक्षणिक संसाधन तथा विद्यार्थियों के हित में विशेष शैक्षणिक सहायता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें जिला शिक्षा प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कब ठोस कदम उठाता है और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराता है।

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