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डीएवी नंदराज के ऋषभ ठाकुर ने राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम किया रोशन

रिपोर्ट: VBN News Desk3 घंटे पहलेझारखण्ड

सीटीएसएसएस में फ्लूट विधा में राज्य में प्रथम स्थान, पूरे प्रदेश से 5 छात्रों का चयन

डीएवी नंदराज के ऋषभ ठाकुर ने राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम किया रोशन

रांची: डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल, बरियातू रोड के कक्षा VII-सी के छात्र ऋषभ ठाकुर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन किया है। ऋषभ, श्री नारायण ठाकुर के पुत्र हैं और उन्होंने सत्र 2025-26 के लिए आयोजित सीटीएसएसएस (कल्चरल टैलेंट सर्च स्कॉलरशिप स्कीम) प्रतियोगिता में एचएमआई फ्लूट विधा में झारखंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पूरे राज्य से विभिन्न 5 सांस्कृतिक विधाओं—संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला और अन्य कलाओं—में केवल 5 विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिसमें ऋषभ अपने विषय में सर्वश्रेष्ठ रहे। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने इस सफलता पर छात्र, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि ऋषभ की मेहनत, अनुशासन और कला के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विद्यालय हमेशा विद्यार्थियों को शैक्षणिक के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, जिसका यह परिणाम है।

नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (सीसीआरटी) द्वारा हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना का संचालन किया जाता है। इस योजना के तहत 10 से 14 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला, मूर्तिकला, शिल्प और साहित्य जैसी विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में किया जाता है।

चयनित विद्यार्थियों को प्रति वर्ष ₹3600 की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, उनके गुरु या प्रशिक्षक को दिए जाने वाले प्रशिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति अधिकतम ₹9000 प्रति वर्ष तक की जाती है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी कला को और निखारने का अवसर मिलता है। उल्लेखनीय है कि देशभर में हर वर्ष कुल 650 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं।

ऋषभ की इस सफलता से विद्यालय में खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। वहीं, अभिभावकों ने भी इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की।

ऋषभ की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे विद्यालय और राज्य के लिए गर्व का विषय है तथा यह अन्य विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने के लिए प्रेरित करती है।

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