चैनपुर में आस्था और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया सरहुल पर्व
सरहुल पूजा समिति चैनपुर के द्वारा सभी 25 गांवों से आए लोगों और उनके प्रतिनिधियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

चैनपुर: प्रकृति और मानव के अटूट प्रेम का प्रतीक सरहुल पर्व चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में पूरे हर्षोल्लास और ऐतिहासिक भव्यता के साथ मनाया गया। कुदरत की तेज बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को रत्ती भर भी कम नहीं कर सकी। मांदर, ढोल और नगाड़ों की गूंज के बीच पूरा चैनपुर सरना आस्था में झूम उठा। कार्यक्रम की शुरुआत चैनपुर के सरना स्थल से हुई जहां ग्राम बैगा रवि बैगा ने पूरे पारंपरिक विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ साल वृक्ष की पूजा-अर्चना की। पूजा संपन्न होने के बाद सरना स्थल से एक विशाल और भव्य जुलूस निकाला गया। पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में सजे-धजे महिला-पुरुष और युवा मांदर की थाप पर थिरकते हुए आगे बढ़ रहे थे।
जुलूस के दौरान झमाझम बारिश शुरू हो गई लेकिन लोगों का उल्लास देखने लायक था। बारिश की बूंदों ने ढोल-नगाड़ों की धुन और नृत्य कर रहे लोगों के जोश को और भी बढ़ा दिया। जुलूस में शामिल लोगों की सेवा के लिए स्थानीय लोगों द्वारा जगह-जगह पर शरबत और पेयजल की बेहतरीन व्यवस्था की गई थी।गाजे-बाजे के साथ निकली यह भव्य शोभायात्रा दुर्गा मंदिर परिसर पहुंचकर एक जनसभा में तब्दील हो गई।
इस जनसभा में वक्ताओं ने सरहुल के महत्व और प्रकृति संरक्षण पर जोर दिया इस दौरान राजेशरण भगत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वजों द्वारा शुरू किया गया यह प्राकृतिक पर्व सरहुल हमें सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। चैनपुर मुखिया शोभा देवी ने कहा कि हमारे रीति-रिवाज व संस्कारों के कण-कण में प्रकृति का समावेश है जिसे हमें सहेज कर रखना है। सरहुल पूजा समिति के अध्यक्ष कुलदीप रौतिया ने इस अवसर पर कहा कि यह पर्व भाईचारे और प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा की प्रकृति की रक्षा के लिए सभी को आगे आने की आवश्यकता है। यह केवल आदिवासियों का एक त्योहार भर नहीं है बल्कि यह आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना, प्रकृति के प्रति अगाध श्रद्धा और महान परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। इस बार का सरहुल मनाने के लिए आस-पास के 25 गांवों के लोग चैनपुर पहुंचे थे। इस भव्य महाजुटान को देखते हुए सरहुल पूजा समिति चैनपुर के द्वारा सभी 25 गांवों से आए लोगों और उनके प्रतिनिधियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस पावन अवसर पर पुलिस-प्रशासन की भी सकारात्मक भागीदारी रही।
मौके पर उपस्थित सर्किल इंस्पेक्टर जितेंद्र राम और चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने सभी क्षेत्रवासियों को सरहुल की शुभकामनाएं दीं। आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से शशिभूषण बैगा, संतोष बैगा, अंतु भगत, धनंजय रौतिया, नारायण बैगा, मनबोध बैगा, भोला, विनय और विष्णु सहित हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। पूरा आयोजन क्षेत्र में शांति, उल्लास और प्रकृति प्रेम की एक अमिट छाप छोड़ गया।