ताज़ा-ख़बर

पत्रकार की पहल, प्रशासन की तत्परता और कानून की मजबूती से शर्मसार होने से बचा सरायकेला

रिपोर्ट: MANISH 23 घंटे पहलेझारखण्ड

संवेदनशील रेस्क्यू से टली बड़ी अनहोनी, विक्षिप्त गर्भवती महिला को मिला जीवनदान

पत्रकार की पहल, प्रशासन की तत्परता और कानून की मजबूती से शर्मसार होने से बचा सरायकेला

सरायकेला : चांडिल अनुमंडल के चिलगु क्षेत्र में एक संवेदनशील और मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया जहाँ एक विक्षिप्त गर्भवती महिला लहूलुहान अवस्था में पाई गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार महिला की मानसिक स्थिति का लाभ उठाकर असामाजिक तत्वों ने उसके साथ दुष्कर्म किया जो भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 66 एवं मानसिक रूप से असमर्थ महिला के विरुद्ध यौन अपराध से जुड़े प्रावधानों के तहत गंभीर दंडनीय अपराध है। घटनास्थल से कई लोग गुजरते रहे लेकिन स्थानीय पत्रकार विश्वरूप पांडा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत प्रेस क्लब को सूचना दी। प्रेस क्लब के माध्यम से उपायुक्त नितीश कुमार सिंह, महिला समाज कल्याण पदाधिकारी और सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यकर्ता पूर्णिमा नायक को अवगत कराया गया। उपायुक्त ने तत्काल रेस्क्यू के निर्देश दिए जबकि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर चांडिल पुलिस ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की। सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम ने महिला को अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे सरायकेला सदर अस्पताल में कड़ी निगरानी में रखा गया और शुक्रवार को रांची रिनपास भेजा गया। यह कार्रवाई महिला संरक्षण अधिनियम, यौन अपराधों से पीड़ित महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर योजना और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार को साकार करती है। प्रशासन, पत्रकार और सामाजिक तंत्र की तत्परता से एक बड़ी मानवीय त्रासदी टल गई।

इन्हें भी पढ़ें.