सात वर्षीय सईदा माही ने शबे बरात पर रखा नफिल रोजा, बनी प्रेरणा
लोग सईदा के इस कृत्य की सराहना कर रहे हैं और उसकी उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं

बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले के कोऑपरेटिव कॉलोनी में रहने वाली सात वर्षीय बच्ची सईदा माही लाक़ा ने शबे बरात के मौके पर नफिल रोजा रखकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके जरिए सईदा ने अपनी गहरी धार्मिक आस्था और समर्पण का परिचय दिया, जो बड़े-बूढ़ों के लिए भी एक प्रेरणा बन गया है।
परिजनों के अनुसार, सईदा ने पूरे उत्साह और खुशी के साथ रोजा रखा। बच्ची का यह कदम न सिर्फ उसकी व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह यह भी दर्शाता है कि युवा पीढ़ी में भी धार्मिकता और आध्यात्मिकता की गहरी समझ हो सकती है।
मोहल्ले के लोग सईदा के इस कृत्य की सराहना कर रहे हैं और उसकी उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं। उनकी धार्मिक आस्था ने न सिर्फ उनके परिवार को गर्व महसूस कराया, बल्कि समुदाय में भी एक सकारात्मक संदेश फैलाया।
सईदा माही के परिवार ने भी इस पहल के बारे में बताते हुए कहा, "हमारे लिए यह एक गर्व की बात है कि हमारी बच्ची ने इस उम्र में रोजा रखा। यह उसका समर्पण और आस्था को दर्शाता है। हमें उम्मीद है कि वह भविष्य में भी ऐसे ही धार्मिक और नैतिक मूल्यों का पालन करेगी।"