पुराने काले तेल से बन रही थीं मिठाइयां, खाद्य सुरक्षा टीम ने जताई नाराजगी
औचक जांच की भनक लगते ही अधिकांश दुकानें बंद, मिलावट मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

हिरणपुर (पाकुड़)। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार शाम हिरणपुर बाजार में मिठाई समेत विभिन्न दुकानों का औचक निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी राधिका कुमारी एवं अभिमन्यु कुमार ने दुकानों में खाद्य सामग्री, तेल और मिलावट में इस्तेमाल होने वाले रंगों की जांच की।
जांच के दौरान मिठाई दुकान में कड़ाही में रखा सरसों का तेल काफी पुराना और काला पाया गया। इस पर पदाधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए तत्काल तेल को फेंकवा दिया। दुकानदार को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि कड़ाही में इस्तेमाल होने वाले सरसों तेल का अधिकतम तीन बार ही उपयोग किया जाए। नियमों की अनदेखी दोबारा पाए जाने पर दुकान सील करने समेत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
खाद्य सुरक्षा टीम ने अन्य मिठाई दुकानों में भी जांच कर दुकानदारों को साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। खाद्य सामग्री में मिलावट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों की भी जांच की गई। टीम ने पान दुकानों में बिक रहे किंडर जॉय को लेकर भी निर्देश दिया और इसे प्रतिबंधित वस्तु बताते हुए इसकी बिक्री नहीं करने की हिदायत दी।
इसके अलावा दवा, केक समेत अन्य दुकानों का भी निरीक्षण किया गया। पदाधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक निबंधन कराने का निर्देश दिया। जांच अभियान की भनक लगते ही बाजार की अधिकांश दुकानें बंद हो गईं।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह की जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी। खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा दूषित सामग्री पाए जाने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर लोगों ने डांगापाड़ा, तोड़ाई समेत अन्य क्षेत्रों की मिठाई दुकानों में भी नियमित जांच की आवश्यकता जताई है। आरोप है कि कुछ दुकानों में लंबे समय तक एक ही तेल का इस्तेमाल कर खाद्य सामग्री तैयार की जाती है। वहीं बाजार में नकली कोल्ड ड्रिंक और अन्य मिलावटी उत्पादों की बिक्री पर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की जा रही है।