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विद्या विकास पब्लिक स्कूल में ‘तरंग 2026’ की धूम, नन्हे कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति और प्रतिभा के रंग

रिपोर्ट: VBN News Desk4 घंटे पहलेझारखण्ड

झारखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और विकास की संभावनाओं पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों को मेडल व प्रमाणपत्र देकर किया सम्मानित

विद्या विकास पब्लिक स्कूल में ‘तरंग 2026’ की धूम, नन्हे कलाकारों ने बिखेरे संस्कृति और प्रतिभा के रंग

विद्या विकास पब्लिक स्कूल में ‘तरंग 2026’ में नन्हे-मुन्ने कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बिखेरे संस्कृति, प्रकृति और प्रतिभा के रंग । वीवीपीएस प्री प्राइमरी एवं लिटिल प्लैनेट शाखा ने अत्यंत बहुप्रतीक्षित वार्षिक समारोह - ‘तरंग 2026’का हर्षोल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से भव्य आयोजन किया। इस समारोह में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभाएं तथा झारखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, प्राकृतिक सौंदर्य और विकास की संभावनाओं से सभी को परिचित कराया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री जय किशोर प्रसाद, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव , विशिष्ट अतिथि डॉ. रुही श्रीवास्तव ,श्रीमती मुक्ता प्रसाद ,श्री जयंत मिश्रा एवं श्रीमती ज्योति मिश्रा के स्वागत गीत से हुआ। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर अतिथि का सम्मान किया गया। स्वागत नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने समारोह के वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया । कार्यक्रम की विशेष आकर्षण झारखंड की संस्कृति एवं गौरव को समर्पित विभिन्न प्रस्तुतियाँ रहीं। ‘रूट्स ऑफ झारखंड’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने राज्य की जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया, वहीं ‘करेज ऑफ झारखंड’ की प्रस्तुति ने साहस, संघर्ष और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया। प्रकृति नृत्य और जंगल नृत्य के माध्यम से नन्हे कलाकारों ने प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य, वन्य जीवन तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्त्व को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। झारखंड की लोकसंस्कृति और परंपराओं को दर्शाती ‘करमा नृत्य’ की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक लोकधुनों और मनमोहक नृत्य मुद्राओं ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत की अनुपम झलक प्रस्तुत की। वहीं, ‘झारखंड टुडे एंड टुमॉरो’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने वर्तमान झारखंड और उसके उज्ज्वल भविष्य की कल्पना को मंच पर साकार किया। इस प्रस्तुति ने विकास, प्रगति और नई संभावनाओं के प्रति आशा का संदेश दिया।समारोह की अगली कड़ी में ‘ड्रीम डांस’ की मनमोहक प्रस्तुति ने बच्चों की कल्पनाशीलता, रचनात्मकता और कलात्मक अभिव्यक्ति को सुंदर रूप में प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय की निर्देशिका महोदया श्रीमती प्रभा सिंह ने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नन्हे-मुन्ने कलाकारों द्वारा मंच पर प्रस्तुत किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारी संस्कृति के संवाहक और हमारी परंपराओं के उज्ज्वल भविष्य हैं। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करते हैं।

विद्यालय की प्रधानाचार्या महोदया श्रीमती जया प्रसाद ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सांस्कृतिक गतिविधियों की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने एवं 100% उपस्थिती के लिए मेडल और सर्टिफिकेट वितरण किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं भव्य ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ। ‘तरंग 2026’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, प्रतिभाओं और आत्मविश्वास का उत्सव बनकर उभरा।

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