भारत के नौसेना प्रमुख ने झारखंड के सिद्धपीठ रजरप्पा में टेका माथा, आस्था और राष्ट्रभक्ति का दिखा वैश्विक संदेश
भारत की ओर तिरछी नजर पड़ी तो अंजाम तय - रजरप्पा से नौसेना प्रमुख का अंतरराष्ट्रीय मंच को सख्त संकेत

रामगढ़ : झारखंड के विश्वप्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर में शुक्रवार को उस समय आस्था और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला जब भारत के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में उन्होंने मां छिन्नमस्तिके का आशीर्वाद लिया और आध्यात्मिक अनुभूति को शब्दों में साझा किया। नौसेना प्रमुख ने कहा कि मां ने बुलाया है इसलिए यहां आया हूं। मां छिन्नमस्तिका के दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। यहां मन को गहरी शांति और अलग तरह की ऊर्जा मिलती है। यदि मां फिर बुलाएंगी तो मैं अवश्य पुनः आऊंगा। उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि वे संध्या आरती और पूजन में शामिल होना चाहेंगे। आध्यात्मिक वक्तव्य के साथ-साथ एडमिरल त्रिपाठी का संदेश वैश्विक सुरक्षा पर भी केंद्रित रहा। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत की ओर यदि किसी ने भी गलत या तिरछी नजर से देखा तो उसका परिणाम गंभीर होगा। देश की समुद्री सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और भारतीय नौसेना चौबीसों घंटे सतर्क, सशक्त और सक्षम है। रजरप्पा की पावन धरती से दिया गया यह संदेश केवल श्रद्धा का नहीं बल्कि विश्व समुदाय के लिए भारत की सुरक्षा प्रतिबद्धता और संप्रभुता की स्पष्ट घोषणा के रूप में देखा जा रहा है।