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करोड़ों की लागत से बना सरकारी अनाज गोदाम बदहाल, पहुंच पथ और वेट ब्रिज अब तक चालू नहीं

रिपोर्ट: MANISH 3 घंटे पहलेझारखण्ड

भीषण गर्मी में बिना पानी-पंखे काम करने को मजबूर कर्मी और ट्रक चालक, गम्हरिया गोदाम व्यवस्था पर उठे सवाल

करोड़ों की लागत से बना सरकारी अनाज गोदाम बदहाल, पहुंच पथ और वेट ब्रिज अब तक चालू नहीं

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित नए सरकारी अनाज गोदाम की बदहाल व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है। महीनों पहले गोदाम का हैंडओवर लिए जाने के बावजूद अब तक बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी हैं। सबसे बड़ी समस्या गोदाम तक पहुंचने वाले रास्ते की है जिसके कारण अनाज लदे भारी वाहन बड़ी मुश्किल से गोदाम तक पहुंच पा रहे हैं। वहीं अनाज तौलने के लिए बनाए गए वेट ब्रिज के चालू नहीं होने से परिवहन और भंडारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार गोदाम परिसर तक जाने वाला पहुंच पथ अब भी अधूरा है। बरसात और गर्मी दोनों मौसम में ट्रकों को अंदर प्रवेश करने में भारी परेशानी होती है। कई बार अनाज लदे वाहन कीचड़ और ऊबड़-खाबड़ रास्तों में फंस जाते हैं जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। वाहन चालकों का कहना है कि भारी वाहनों के लिए उचित सड़क नहीं होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब अनाज का वजन करवाने की प्रक्रिया सामने आती है। गोदाम परिसर में बनाए गए वेट ब्रिज का निर्माण तो हो चुका है लेकिन अब तक इसे चालू नहीं किया जा सका है। परिणामस्वरूप ट्रकों का वजन अन्य स्थानों पर करवाना पड़ता है जिससे अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। इससे सरकारी खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। भीषण गर्मी के बीच गोदाम में कार्यरत कर्मियों और ट्रक चालकों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोदाम में पर्याप्त पंखों की व्यवस्था नहीं है और एक छोटे पंखे के सहारे ही पूरा काम चलाया जा रहा है। पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मजदूरों और कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि तेज गर्मी में घंटों काम करना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों और संबंधित कर्मियों का कहना है कि जब सरकार द्वारा आधुनिक गोदाम का निर्माण कराया गया है, तो वहां सभी जरूरी सुविधाओं को समय पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि अधूरी तैयारियों के बीच गोदाम का हैंडओवर लेकर संचालन शुरू कर दिया गया जबकि बुनियादी व्यवस्थाएं आज भी अधूरी हैं। नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी भंडारण केंद्र या गोदाम को संचालन के लिए पूरी तरह तैयार होने के बाद ही उपयोग में लाया जाना चाहिए। भारतीय खाद्य निगम (FCI) एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े भंडारण मानकों के तहत गोदाम तक सुगम पहुंच मार्ग, वजन मापने की प्रमाणित व्यवस्था, पेयजल, बिजली, वेंटिलेशन और श्रमिकों के लिए बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य मानी जाती हैं। इसके अलावा श्रम सुरक्षा मानकों के तहत कार्यस्थल पर पर्याप्त हवा, पेयजल और गर्मी से बचाव की व्यवस्था करना भी आवश्यक होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द पहुंच पथ निर्माण, वेट ब्रिज चालू कराने तथा गोदाम में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आने वाले दिनों में खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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