नेपाल में जेन-जी राजनीति का असर, घर-घर प्रचार में जुटे ओली तो देशव्यापी रोड शो पर शाह
झापा-5 बना सियासी रणक्षेत्र, ओली की परंपरागत सीट पर बालेन शाह की सीधी चुनौती

काठमांडू : नेपाल की प्रतिनिधि सभा चुनाव में झापा-5 सीट इस बार सबसे अधिक चर्चा में है। यह पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की परंपरागत सीट रही है लेकिन इस बार उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह। नामांकन के बाद से बालेन शाह देशभर में रोड शो और चुनावी सभाएं कर रहे हैं जिससे उनके समर्थन में युवाओं का जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। वहीं पिछले चुनावों में पूरे देश में पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने वाले ओली इस बार अपने ही निर्वाचन क्षेत्र झापा-5 तक सीमित नजर आ रहे हैं। वे लगातार क्षेत्र के गांवों और टोलों में घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार दोनों नेताओं को जेन-जी आंदोलन के बाद बदली राजनीति के दो विपरीत ध्रुवों के रूप में देखा जा रहा है। इसी आंदोलन के दबाव में उस समय नेकपा (एमाले) के अध्यक्ष रहे ओली को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था जबकि बालेन शाह को इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में गिना जाता है। संविधान सभा चुनाव 2008 को छोड़ दें तो ओली लगातार झापा-5 से निर्वाचित होते आए हैं। हालांकि, काठमांडू महानगर के मेयर पद से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के साथ एकजुट होने के बाद बालेन शाह की लोकप्रियता और बढ़ी है। देशव्यापी दौरों के दौरान उनके प्रति भारी क्रेज देखा गया है। एमाले के केंद्रीय सदस्य देवेंद्र दाहाल के अनुसार निर्वाचन क्षेत्र के 29 वार्डों के प्रत्येक घर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। 2022 में यहां 1,54,289 मतदाता थे जो इस बार बढ़कर 1,63,379 हो गए हैं। ऐसे में झापा-5 का परिणाम इस बार रोमांचक और अप्रत्याशित माना जा रहा है।