चैनपुर ब्लॉक परिसर में गूंजा "जिंदगी को हाँ, नशे को ना" का संदेश, नुक्कड़ नाटक से ग्रामीणों को किया जागरूक
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसार रही नशे की लत के खिलाफ लोगों को एकजुट करना और समाज को इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराना था।

चैनपुर: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आज चैनपुर ब्लॉक परिसर में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रभावी नुक्कड़ नाटक ने उपस्थित जनसमुदाय को झकझोर कर रख दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसार रही नशे की लत के खिलाफ लोगों को एकजुट करना और समाज को इस सामाजिक बुराई से मुक्त कराना था।पारंपरिक कला और लोक संगीत का अनूठा संगमब्लॉक परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने पीले और लाल रंग की पारंपरिक वेशभूषा में सज्ज होकर अपनी प्रस्तुति दी। ढोल और मांदर जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकारों ने गीतों और संवादों के माध्यम से नशे से बर्बाद होते परिवारों की दर्दनाक हकीकत को बयां किया। नाटक के मंच पर लगा "जिंदगी को हाँ" का मुख्य बैनर दर्शकों के बीच आकर्षण और प्रेरणा का मुख्य केंद्र बना रहा।नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया सचेतनुक्कड़ नाटक के जरिए कलाकारों ने बेहद सरल और स्थानीय भाषा में समझाया कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से तोड़ देता है।
नाटक के अंत में कलाकारों ने युवाओं से खास तौर पर अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और कौशल विकास में लगाएं।इस अभियान के दौरान ब्लॉक स्तर के कई प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। परिसर में मौजूद अधिकारियों ने कलाकारों के इस अनूठे प्रयास की सराहना की और कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने और जीवन में कभी नशा न करने की शपथ दिलाई।