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पेयजल विभाग की बदहाल कार्यप्रणाली उजागर, कार्यपालक अभियंता के खिलाफ उठे सवाल

रिपोर्ट: MANISH 1 दिन पहलेझारखण्ड

उप विकास आयुक्त के औचक निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां, 15 दिनों की चेतावनी

पेयजल विभाग की बदहाल कार्यप्रणाली उजागर, कार्यपालक अभियंता के खिलाफ उठे सवाल

सरायकेला-खरसावाँ : जिले में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में विभागीय अव्यवस्था, लापरवाही और कमजोर प्रशासनिक नियंत्रण उजागर हुआ। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में संधारित पंजी, संचिकाओं की स्थिति, कार्यों के आवंटन और साफ-सफाई में कई गंभीर कमियां पाई गईं जिससे विभागीय नेतृत्व, विशेषकर कार्यपालक अभियंता की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग गया है। निरीक्षण में यह भी स्पष्ट हुआ कि अभिलेखों का अद्यतन नहीं होना और जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा न होना कार्य निष्पादन को प्रभावित कर रहा है। उप विकास आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर किया जाए अन्यथा आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि यदि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो कार्यपालक अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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