धरोहर पर संकट : मंदिर पर निजी कब्जे की साजिश
मंदिर विकास समिति वर्षों से मंदिर की देखरेख कर रही है

मेदिनीनगर : ग्रामवासियों की सांस्कृतिक धरोहर ठाकुरबाड़ी मंदिर पर शिवध्यान तिवारी और रुचिर तिवारी द्वारा गोपनीय रूप से निजी ट्रस्ट बनाकर कब्जा जमाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर पूरे गांव की संपत्ति है और किसी एक व्यक्ति या समूह का इस पर एकाधिकार असंवैधानिक और अनुचित है। मंदिर विकास समिति वर्षों से मंदिर की देखरेख कर रही है और ग्रामीणों की सहमति से इसके पदाधिकारियों का चयन आमसभा में होता है। समिति के अध्यक्ष विजय तिवारी (अधिवक्ता) व अन्य पदाधिकारी नवीन तिवारी और अमित तिवारी (अधिवक्ता) को नए ट्रस्ट के गठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिवध्यान तिवारी और रुचिर तिवारी मंदिर की 1.39 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे के लिए गलत प्रचार कर रहे हैं और ग्रामीणों को गुमराह कर गोपनीय रूप से हस्ताक्षर करवा रहे हैं। जब भी मंदिर समिति अवैध कब्जा हटाने का प्रयास करती है, तो ये लोग दुर्व्यवहार और हिंसा पर उतर आते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि मंदिर पर कोई भी निजी कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस तरह की साजिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। बहुत जल्द ग्रामसभा की सहमति से मंदिर की संपत्तियों के प्रबंधन हेतु ट्रस्ट का निर्माण किया जाएगा, ताकि मंदिर की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता बनी रहे।