वंदे भारत हादसे ने छीना मां-बाप और बहन का साथ, 8 साल का बेटा हुआ अनाथ, कालीतला में पसरा मातम
ट्रैक पार करते समय हादसा, पाकुड़ में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की थमीं जिंदगी, आठ वर्षीय बेटा हुआ अनाथ

पाकुड़ : वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक दंपति और उनकी तीन वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। यह हृदयविदारक हादसा मंगलवार शाम करीब 7:10 बजे पाकुड़ रेलवे स्टेशन से पूर्व नगरनवी स्टेशन के पोल संख्या 145/40 और 145/38 के समीप हुआ। सिलीगुड़ी से हावड़ा जा रही डाउन वंदे भारत ट्रेन के गुजरने के दौरान तीनों रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे तभी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर देर रात पाकुड़ जीआरपी थाना लाई। नगरनवी रेलवे स्टेशन प्रबंधक राजेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। जीआरपी अधिकारी रामेश्वर किस्कू ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। मृतकों की पहचान कालीतला मोहल्ला निवासी चंदन सरदार, उनकी पत्नी शिल्पा सरदार और उनकी तीन वर्षीय पुत्री के रूप में हुई है। परिवार में एक आठ वर्षीय पुत्र भी है जो अब अनाथ हो गया। बताया जा रहा है कि दंपति नवीनगर स्थित बहन के घर से लौट रहे थे तभी यह हादसा हुआ। चंदन सरदार पेशे से हाइवा चालक था और सीतपहाड़ी के एक पत्थर कारोबारी के यहां कार्यरत था। परिवार के अनुसार वह मेहनतकश और जिम्मेदार व्यक्ति था। घटना की खबर मिलते ही कालीतला में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन और आसपास के लोग गहरे सदमे में हैं। घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही और हर आंख नम दिखी। इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पार करने की समस्या और सुरक्षा उपायों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।