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पीटीआर में फिर गूंजेगी बाघों की दहाड़, दो बाघिन और एक बाघ लाने की मंजूरी

रिपोर्ट: अकरम 23 घंटे पहलेझारखण्ड

वन विभाग के अनुसार, लाए गए बाघों को पहले सॉफ्ट रिलीज सेंटर में रखा जाएगा, जहां उनके व्यवहार की निगरानी की जाएगी

पीटीआर में फिर गूंजेगी बाघों की दहाड़, दो बाघिन और एक बाघ लाने की मंजूरी

बरवाडीह (लातेहार): पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। भारत सरकार ने टाइगर सप्लीमेंटेशन कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। इसके तहत इस वर्ष के अंत तक मध्य भारत के बांधवगढ़, कान्हा अथवा ताडोबा टाइगर रिजर्व से दो बाघिन और एक बाघ लाकर पीटीआर में बसाए जाएंगे।

वन विभाग के अनुसार, लाए गए बाघों को पहले सॉफ्ट रिलीज सेंटर में रखा जाएगा, जहां उनके व्यवहार की निगरानी की जाएगी और उन्हें नए वातावरण के अनुरूप ढाला जाएगा। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

वन अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पीटीआर में सात नर बाघों की आवाजाही दर्ज की गई है, लेकिन एक भी बाघिन का मूवमेंट नहीं मिला। ऐसे में प्रजनन को बढ़ावा देने और बाघों की स्थायी आबादी विकसित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

पीटीआर के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना ने बताया कि टाइगर सप्लीमेंटेशन की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब बाघों को लाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से आने वाले वर्षों में पलामू टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही, वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलने के अलावा क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

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