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कुजू क्षेत्र में त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न, सुरक्षित खनन संस्कृति को मजबूत बनाने पर जोर

रिपोर्ट: VBN News Desk2 घंटे पहलेझारखण्ड

डीजीएमएस अधिकारियों, प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों ने खान सुरक्षा, श्रमिक कल्याण एवं ‘जीरो हार्म’ लक्ष्य पर किया मंथन

कुजू क्षेत्र में त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न, सुरक्षित खनन संस्कृति को मजबूत बनाने पर जोर

कुजू (रामगढ़)। Central Coalfields Limited के कुजू क्षेत्र में बुधवार को त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति (Tripartite Mines Safety Committee) की बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में खान सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया तथा सुरक्षित, सतत और दुर्घटनामुक्त कार्य संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में महानिदेशालय खान सुरक्षा (DGMS) के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें अजीत कुमार (डीएमएस-माइनिंग), परवेज आलम (डीडीएमएस-माइनिंग), संकेत तोशनीवाल (डीडीएमएस-मैकेनिकल) तथा री शेख मिन्हाजुद्दीन (डीडीएमएस-इलेक्ट्रिकल) शामिल थे। इसके अलावा सीसीएल मुख्यालय रांची से बिनोद कुमार, महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव), सी.बी. प्रसाद, आईएसओ तथा कुजू क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे।

बैठक में जेसीएससी सदस्य निर्गुण महतो सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों और क्षेत्रीय सुरक्षा समिति के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। श्रमिक प्रतिनिधियों ने कार्यस्थलों की सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों में सुधार तथा श्रमिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। प्रबंधन एवं अधिकारियों ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए खान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत डीजीएमएस गीत और सीआईएल कॉर्पोरेट गीत के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों का शॉल, श्रीफल और पुस्तक भेंट कर सम्मान किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से श्री राजीव कुमार सिन्हा को अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। तत्पश्चात कुजू क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, उपलब्धियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सुरक्षा अभियानों और विभिन्न परियोजनाओं में संचालित सुरक्षा पहलों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

बैठक के दौरान पिछली त्रिपक्षीय बैठक में दिए गए सुझावों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। क्षेत्रीय सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागाध्यक्षों और परियोजना पदाधिकारियों ने विस्तार से जानकारी एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया।

अपने संबोधन में श्री बिनोद कुमार ने “सेफ्टी क्यूब” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक कार्य व्यवहार और संगठनात्मक संस्कृति का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक स्तर पर सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच और व्यक्तिगत जिम्मेदारी विकसित करने का आह्वान किया।

वहीं डीजीएमएस के अधिकारियों ने खान सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। अजीत कुमार ने विशेष रूप से “नो-गो जोन” की अवधारणा पर जोर देते हुए संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान और प्रभावी नियंत्रण दुर्घटनाओं की रोकथाम की कुंजी है।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि खान सुरक्षा केवल प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक की सामूहिक जवाबदेही है। उन्होंने सभी हितधारकों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए “शून्य दुर्घटना और शून्य क्षति (Zero Harm)” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ बैठक का समापन हुआ। बैठक में खान सुरक्षा को लेकर प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय तथा सहभागिता की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

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