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मराठी अस्मिता के नाम पर 20 साल बाद एक मंच पर दिखेंगे उद्धव-राज, बालासाहेब की जयंती बनेगी सियासी एकजुटता की मिसाल

रिपोर्ट: VBN News Desk7 दिन पहलेदेश

बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी पर ठाकरे बंधुओं का ऐतिहासिक मंच साझा, माटुंगा में जुटेगा सियासी संदेश

मराठी अस्मिता के नाम पर 20 साल बाद एक मंच पर दिखेंगे उद्धव-राज, बालासाहेब की जयंती बनेगी सियासी एकजुटता की मिसाल

मुंबई : शिवसेना के संस्थापक और मराठी अस्मिता के प्रखर प्रतीक बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर 23 जनवरी को मुंबई के माटुंगा स्थित षण्मुखानंद हाल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम शिवसेना (ठाकरे गुट) की ओर से आयोजित किया जा रहा है जिसमें शिवसेना (यूबीटी) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आएंगे। करीब 20 वर्षों के बाद ठाकरे बंधुओं का एक मंच पर आना महाराष्ट्र की राजनीति में खास महत्व रखता है। मराठी अस्मिता और आगामी मनपा चुनाव के मद्देनज़र इस मंच साझा को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। हाल के दिनों में दोनों भाई पारिवारिक और सामाजिक आयोजनों में साथ दिखे हैं लेकिन बालासाहेब ठाकरे की जयंती पर उनका एक साथ होना सियासी संदेश भी देता है। उल्लेखनीय है कि पांच वर्ष पूर्व बालासाहेब ठाकरे की 95वीं जयंती के अवसर पर गेटवे ऑफ इंडिया के समीप उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी। इस प्रतिमा का अनावरण तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया था जबकि इस कार्यक्रम में राज ठाकरे और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। यह प्रतिमा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक पर स्थापित है जहां पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा भी स्थित है। बालासाहेब ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को हुआ था। उन्होंने 1966 में शिवसेना की स्थापना कर मराठी मान-सम्मान को राजनीतिक पहचान दी। उनका अंतिम संस्कार दादर के शिवाजी पार्क में हुआ था जो उनकी पहली आमसभा का भी साक्षी रहा है। आज उसी शिवाजी पार्क के सामने महापौर निवास परिसर में उनका भव्य स्मारक मराठी स्वाभिमान का प्रतीक बना हुआ है।

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