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गांधी पाठशाला और आदिवासी छात्रावास तक जाने वाली सड़क बन रही बच्चों के मौत का रास्ता, सरायकेला नगर पंचायत के वार्ड 03 में प्रशासनिक लापरवाही उजागर

रिपोर्ट: VBN News Desk11 घंटे पहलेझारखण्ड

बच्चों की पढ़ाई और सेहत दोनों खतरे में, नगर पंचायत की चुप्पी से भड़के वार्डवासी

गांधी पाठशाला और आदिवासी छात्रावास तक जाने वाली सड़क बन रही बच्चों के मौत का रास्ता, सरायकेला नगर पंचायत के वार्ड 03 में प्रशासनिक लापरवाही उजागर

सरायकेला (जगदीश साव) : सरायकेला नगर पंचायत के वार्ड संख्या 03 में इन दिनों हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं। महात्मा गांधी के नाम पर संचालित गांधी पाठशाला और कई अदिबासी छात्रों का आश्रय स्थल आदिवासी छात्रावास तक जाने वाली मुख्य सड़क अब सड़क नहीं बल्कि गंदे पानी से भरी नाली का रूप ले चुकी है। जल मीनार से निकलने वाला नहाने-धोने का दूषित पानी बिना किसी जल निकासी व्यवस्था के सीधे सड़क पर बह रहा है जिससे पूरे इलाके में कीचड़, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप फैल गया है। यह मार्ग न केवल गांधी पाठशाला के छोटे-छोटे बच्चों के लिए मुख्य रास्ता है बल्कि आदिवासी छात्रावास, गेस्ट हाउस और सरगीडीह को जोड़ने वाली एकमात्र कड़ी भी है। प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे, छात्र-छात्राएं और स्थानीय ग्रामीण इसी गंदे पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। फिसलन, संक्रमण और गंभीर बीमारियों का खतरा हर समय बना रहता है लेकिन इसके बावजूद नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

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स्थानीय निवासी लक्ष्मी देवी ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि गांधी पाठशाला के सामने इस तरह की स्थिति बेहद शर्मनाक है। हमारे बच्चे रोज़ गंदे पानी में पैर डालकर स्कूल जाते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन सोया हुआ है।

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वहीं सारंग दास ने कहा कि आदिवासी छात्रावास के छात्र भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। यह केवल सड़क की समस्या नहीं बल्कि आदिवासी और गरीब बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। अगर अब भी सुधार नहीं हुआ तो हम चुप नहीं बैठेंगे।

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स्थानीय नागरिक संतोष दास ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सड़क पर बहता गंदा पानी सीधे बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। नगर पंचायत प्रशासन ने जानबूझकर आंखें मूंद रखी हैं। मजबूर होकर हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

अन्य स्थानीय निवासी के अनुसार गांधी पाठशाला की प्रधानाध्यापिका और एक स्थानीय पत्रकार द्वारा नगर पंचायत प्रशासक को वस्तुस्थिति से अवगत कराए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नगर निकाय चुनाव की सुगबुगाहट के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। वार्डवासियों का साफ कहना है कि यदि जल्द सड़क मरम्मत और स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो इसका जवाब नगर पंचायत प्रशासन को आने वाले चुनाव में जनता देगी।

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